INX केस में CBI ने दाखिल की चार्जशीट, चिदंबरम-पीटर मुखर्जी समेत 14 के नाम

आईएनएक्स मीडिया केस में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने अपनी चार्जशीट दाखिल कर दी है. सीबीआई ने अपनी चार्जशीट में पूर्व गृह मंत्री पी चिदंबरम समेत 14 लोगों को आरोपी बनाया है.

पूर्व गृह मंत्री पी चिदंबरम (फाइल फोटो-PTI)
मुनीष पांडे/अनीषा माथुर
  • नई दिल्ली,
  • 18 अक्टूबर 2019,
  • अपडेटेड 6:00 PM IST

  • सीबीआई की चार्जशीट में 14 लोग आरोपी
  • दिल्ली की कोर्ट में 21 अक्टूबर को सुनवाई

आईएनएक्स मीडिया केस में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने अपनी चार्जशीट दाखिल कर दी है. सीबीआई ने अपनी चार्जशीट में पूर्व गृह मंत्री पी चिदंबरम समेत 14 लोगों को आरोपी बनाया है. इस मामले में दिल्ली की कोर्ट में 21 अक्टूबर को सुनवाई होगी.

सीबीआई केस में चिदंबरम की जमानत अर्जी पर सुप्रीम कोर्ट ने ऑर्डर रिजर्व रख लिया है. इससे पहले सुप्रीम कोर्ट में चिदंबरम की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए पूर्व वित्त मंत्री के वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि केवल आईएनएक्स ही एक ऐसा मामला नहीं है जिसकी जांच चल रही है बल्कि पी चिदंबरम जब वित्त मंत्री थे उस दौरान की सभी FIPB के अप्रूवल को लेकर जांच चल रही है.

अभी जमानत नहीं दी जाएः सीबीआई

दूसरी ओर, सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट मे कहा कि जब तक अहम गवाहों के बयान अदालत में दर्ज नहीं हो जाते तब तक चिदंबरम को जमानत नहीं दी जानी चाहिए. सीबीआई ने कहा कि जांच इस समय कठिन दौर में चल रही है. आर्थिक अपराधी देश से भाग सकता है. कई आरोपी देश से भाग चुके हैं. सीबीआई ने कहा कि हम इसमें दूसरे आरोपियों से तुलना नहीं कर रहे हैं बल्कि सिद्धांतों की बात कह रहे हैं.

जमानत का अधिकारः सिब्बल

कपिल सिब्बल की दलील पर तुषार मेहता ने कहा कि निचली अदालत के फैसले के खिलाफ हमने अपील भी दाखिल की है. तुषार की दलील पर सिब्बल नाराज हो गए. उन्होंने कहा कि कभी आप धमकाते हैं तो कभी आप बीच में टोका-टोकी करते हैं. ये बहस का तरीका नहीं है.

जमानत को लेकर कपिल सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले का हवाला देते हुए कहा कि जमानत देना एक नियम है और हमारा जमानत का अधिकार बनता है. सिब्बल ने कहा, 'तुषार मेहता दलील दे रहे हैं कि उन्हें लेकर विदेश भागने का रिस्क है. कोर्ट को बताएं कि मैं कहां भाग कर जाऊंगा. पूरी दुनिया मुझे जानती है. पिछली बार हमें संदेह के आधार पर जमानत देने से इंकार किया गया. जाच एजेंसी सभी गवाहों को सुरक्षा दे अगर उन्हें लगता है तो.'

आरोपियों पर कई चार्ज

आईएनएक्स मीडिया केस में पूर्व वित्त मंत्री और अन्य आरोपियों पर आईपीसी की धारा 120 बी, 420, 468 और 471 के तहत केस दर्ज किया गया है, साथ ही प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट के तहत धारा 9, 13 (2) और 13 (1) डी के चार्ज भी लगाए गए हैं.

सीबीआई की चार्जशीट में पीटर मुखर्जी, कार्ति चिदंबरम, भास्कर, पी चिदंबरम, सिंधुश्री खुल्लर, अनूप पुजारी, प्रबोध सक्सेना, आर प्रसाद, आईएनएक्स मीडिया, एएससीएल और शतरंज प्रबंधन का नाम है. चार्जशीट में वित्त मंत्रालय के चार पूर्व अफसरों का भी नाम है.

सॉलिसिटर जनरल ने कोर्ट में कहा कि जिस गवाह ने पी. चिदंबरम के खिलाफ बयान दिया था, वह सिर्फ इंद्राणी मुखर्जी नहीं हैं. बल्कि एक और गवाह है, जिन्होंने उनके खिलाफ बयान दिया है.

वहीं पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने चिदंबरम की हिरासत बढ़ा दी है. चिदंबरम 24 अक्टूबर तक प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की हिरासत में रहेंगे. उन्हें अब 24 अक्टूबर को ही कोर्ट में पेश किया जाएगा .

क्या है मामला?

वित्त मंत्री के अपने कार्यकाल के दौरान आईएनएक्स मीडिया को विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआईपीबी) से मंजूरी देने में कथित अनियमितता में संलिप्तता को लेकर चिदंबरम को 21 अगस्त को गिरफ्तार किया गया था, तब से वे न्यायिक हिरासत में हैं.

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