कोरोना से जंग में देश के साथ पड़ोसी देशों की भी मदद करेंगी सेना की मेडिकल टीमें

भारतीय सशस्त्र सेनाएं देश में भी कोरोना वायरस के खिलाफ मोर्चे पर नागरिक प्रशासनों की हर मुमकिन मदद कर रही हैं. देश के मिलिट्री अस्पतालों में Covid-19 केसों के लिए 9,000 बेड तैयार हैं.

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कोरोना से जंग में मदद कर रहे सेना के जवान (प्रतीकात्मक तस्वीर- PTI) कोरोना से जंग में मदद कर रहे सेना के जवान (प्रतीकात्मक तस्वीर- PTI)

अभि‍षेक भल्ला

  • नई दिल्ली,
  • 15 अप्रैल 2020,
  • अपडेटेड 6:52 PM IST

  • दुनियाभर में कोरोना वायरस से जंग के लिए एकजुटता
  • विदेश जाने के लिए तैयार सेना के मेडिकल ऑफिसर्स

कोरोना वायरस से जंग में भारतीय सेनाएं सिर्फ देश में ही कई मोर्चों पर नहीं डटी हैं, बल्कि कई पड़ोसी देशों की मदद के लिए भी जाने को तैयार हैं. भारतीय सेनाओं से जुड़ी कुछ मेडिकल टीमें श्रीलंका, बांग्लादेश, भूटान और अफगानिस्तान भेजे जाने के लिए स्टैंडबाई पर हैं.

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अधिकारियों के मुताबिक पड़ोस के मित्र देशों की मदद करने की नीति के तहत भारत अपनी मिलिट्री टीमें वहां भेजने के लिए तैयार है. बता दें कि पूर्व में ऐसी ही एक टीम मालदीव भेजी जा चुकी है. इस टीम में पांच डॉक्टर, दो नर्सिंग ऑफिसर्स और 7 पैरामेडिक्स शामिल थे. इन्होंने माले में Covid-19 से बचाव के लिए सेटअप तैयार करने में मालदीव सरकार की मदद की. ये टीम मालदीव में 13 मार्च से 21 मार्च तक रही.

इससे पहले भारतीय वायुसेना का एक विमान 6.2 टन आवश्यक दवाएं और अस्पताल का सामान लेकर मालदीव गया था. अधिकारियों के मुताबिक नेपाल सरकार को भी दवाएं और मेडिकल उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं.

11 अप्रैल को 15 सदस्यीय टीम को कुवैत में कोरोना वायरस से लड़ाई में क्षमताओं को विकसित करने के लिए तैनात किया गया है. इनमें आठ मेडिकल ऑफिसर्स और 7 पैरामेडिक्स शामिल हैं.

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भारतीय सशस्त्र सेनाएं देश में भी कोरोना वायरस के खिलाफ मोर्चे पर नागरिक प्रशासनों की हर मुमकिन मदद कर रही हैं. देश के मिलिट्री अस्पतालों में Covid-19 केसों के लिए 9,000 बेड तैयार हैं. इसके अलावा बैरकपोर, शिलॉन्ग और लिकाबली (अरुणाचल प्रदेश) में कुल 500 लोगों की क्षमता वाले तीन Covid अस्पातल तैयार किए जा रहे हैं.

सेना की ओर से 1200 बैटलफील्ड नर्सिंग असिस्टेंट्स को तैयार किया गया है. सूत्रों ने बताया कि भारतीय सेना के सभी अस्पताल अतिरिक्त क्वारनटीन सुविधाएं देने के लिए अलर्ट पर हैं. ये जरूरत पड़ने पर कोरोना वायरस संदिग्धों की देखभाल के लिए 48 घंटे में पूरी तरह सक्रिय हो सकते हैं.

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