Pakistan Political Crisis: पाकिस्तान में राजनीतिक अस्थिरता कायम है. प्रधानमंत्री इमरान खान के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव के बीच किसी भी वक्त उनकी कुर्सी जा सकती है. पड़ोसी देश में जारी सियासी उठापटक के बीच ये सवाल उठ रहा है कि अगर इमरान खान की सत्ता चली जाती है तो इसका भारत और पाकिस्तान के रिश्तों पर क्या असर पड़ेगा?
भारत-पाकिस्तान के रिश्तों के मसले पर भारत के 2 पूर्व विदेश मंत्रियों यशवंत सिन्हा और नटवर सिंह ने आजतक से बात की. यशवंत सिन्हा ने बताया कि इमरान खान की कुर्सी जाने पर भारत के साथ पाकिस्तान के संबंधों पर क्या प्रभाव पड़ेगा. यशवंत सिन्हा ने कहा कि 3 अप्रैल को अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग में इमरान की हार होती है तो माना जाएगा कि उन्हें प्रजातांत्रिक तरीके से हटाया गया, लेकिन इस बात से इनकार नहीं किया जाना चाहिए कि इस लोकतांत्रिक तरीके के पीछे भी वहां की फौज का हाथ होगा.
आर्थिक मदद नहीं मिली तो बर्बाद हो जाएगा पाकिस्तान
पूर्व विदेश मंत्री ने कहा कि इमरान करीब 44 महीने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री रहे. उनके कार्यकाल को देखें तो उन्होंने अपने देश का बेड़ा गर्क कर दिया. पाकिस्तान आर्थिक और सामाजिक तौर पर नीचे ही गिरता गया. आने वाले दिनों में IMF, चीन या सऊदी अरब ने उस देश की मदद नहीं की तो वहां के लोगों को भारी मुसीबतों का सामना करना पड़ेगा. वहां के लोगों में असंतोष इतना ज्यादा बढ़ गया है कि फौज के लिए भी इमरान को पीएम बनाए रखना मुमकिन नहीं है.
फौज तय करेगी, कौन होगा इमरान का उत्तराधिकारी
पूर्व विदेश मंत्री यशवंत सिन्हा ने कहा कि इमरान खान के हटने के बाद कोई भी पाकिस्तान का उत्तराधिकारी बने इससे कोई फर्क नहीं पड़ता, उसे फौज की नीति को ही फॉलो करना होगा. पाकिस्तान की आर्मी ही तय करेगी कि इमरान का उत्तराधिकारी कौन होगा. इमरान के हटने के बाद भारत और पाकिस्तान के रिश्ते पर यशवंत ने कहा कि आर्मी कभी नहीं चाहेगी कि दोनों देशों के रिश्ते बेहतर हों. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान का रुख पहले से ही भारत के लिए दोस्ताना नहीं रहा है. उनका नजरिया हमेशा दुश्मनी का रहा है.
सत्ता में आ सकते हैं शहबाज शरीफ- नटवर सिंह
भारत के पूर्व विदेश मंत्री नटवर सिंह ने आजतक से बात करते हुए कहा कि पाकिस्तान का अगला प्रधानमंत्री कौन होगा ये फौज ही तय करेगी. वहां पीएम से लेकर राष्ट्रपति तक सभी का चुनाव आर्मी ही करती है. हालांकि, उम्मीद है कि इमरान के हटने के बाद नवाज शरीफ के भाई, शहबाज शरीफ आएंगे. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में भारत की तरह लोकतंत्र का राज नहीं है. वहां फौज हमेशा सरकार में दखल देती है.नटवर सिंह ने कहा कि भारत को इस बात का खास खयाल रखना चाहिए कि हम वहां के सियासी हालात में कोई दखल ना दें.
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