घने जंगलों में नक्सलियों को ढूंढेगा इजरायली रडार, मोदी सरकार करेगी करार!

सूत्रों के मुताबिक गृह मंत्रालय घने जंगलों में नक्सलियों के मूवमेंट का पता लगाने के लिए एडवांस्ड टेक्नोलॉजी का सहारा लेगा. इसके लिए इजरायल से मदद ली जाएगी.

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इजरायल से खास रडार खरीदने की तैयारी इजरायल से खास रडार खरीदने की तैयारी

जितेंद्र बहादुर सिंह

  • नई दिल्ली,
  • 26 अप्रैल 2017,
  • अपडेटेड 8:10 AM IST

छत्तीसगढ़ के सुकमा में हमले के बाद गृह मंत्रालय ने नक्सलियों से निपटने के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं. सूत्रों के मुताबिक गृह मंत्रालय घने जंगलों में नक्सलियों के मूवमेंट का पता लगाने के लिए एडवांस्ड टेक्नोलॉजी का सहारा लेगा. इसके लिए इजरायल से मदद ली जाएगी.

सूत्रों के मुताबिक गृह मंत्रालय नक्सलियों का मूवमेंट जानने के लिए खास तरीके के रडार खरीदने की तैयारी कर रहा है. बताया जा रहा है कि इजरायल से ये रडार खरीदने की तैयारी है. इस रडार का नाम है, जो घने जंगलों में भी किसी हलचल की जानकारी आसानी से दे सकता है. यानी अगर ये रडार नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षाबलों को मिल जाए तो नक्सलियों के मूवमेंट को आसानी से ट्रेस किया जा सकता है और उनके हमले से पहले ही मुंहतोड़ जवाब दिया जा सकता है.

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अभी होता है UAV का इस्तेमाल
फिलहाल नक्सिलयों की लोकेशन का पता लगाने के लिए सुरक्षा बल अलग-अलग यूएवी का इस्तेमाल करते हैं. बताया जा रहा है कि ये यूएवी घने जंगलों में ज्यादा कारगर साबित नहीं हो पाते. जिसके चलते ऐसे इलाकों में छुपे नक्सलियों का पता नहीं लग पाता. यही वजह है कि बार-बार नक्सली सुरक्षा बलों पर बड़े हमले करने में कामयाब हो जाते हैं और उनके एक्शन की जानकारी सुरक्षाबलों को नहीं मिल पाती.

बता दें कि बीते सोमवार ने गश्त पर निकले सीआरपीएफ के जवानों को निशाना बनाया था. इस हमले में 25 जवान शहीद हो गए थे जबकि कई जवान गंभीर रूप से जख्मी हो गए थे. इस हमले के बाद से नक्सलियों के खिलाफ सख्त एक्शन की मांग की जा रही थी. अटैक के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा था कि जवानों की शहादत बेकार नहीं जाने दी जाएगी. दूसरी तरफ गृह मंत्रालय ने नक्सल प्रभावित 10 राज्यों की 8 मई को मीटिंग भी बुलाई है. जिसमें नक्सल समस्या को लेकर चर्चा की जाएगी.

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