हिंदी के साथ सभी भारतीय भाषाओं का ध्यान रखेगी सरकार: प्रकाश जावड़ेकर

मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि इस पर भी अगले महीने होने वाली कांफ्रेंस में रिव्यू किया जाएगा. उन्होंने कहा कि संविधान में मंजूर 23 भाषाओं का हिंदी की तरह ही समान महत्व है.

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केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर

संजय शर्मा

  • नई दिल्ली,
  • 25 अप्रैल 2017,
  • अपडेटेड 7:15 PM IST

ये अलग बात है कि संसद की आधिकारिक भाषा समिति ने अपनी रिपोर्ट में हिंदी को अनिवार्य भाषा बनाने की सिफारिश की है. लेकिन सरकार का कहना है कि वो देश के किसी भी नागरिक पर कोई खास भाषा थोपने में विश्वास नहीं रखती. अगर समिति की सिफारिश मान ली जाए तो बड़ा संकट क्षेत्रीय भाषाओं के लिए होगा. क्योंकि हिंदी अनिवार्य भाषा और अंग्रेजी दूसरी भाषा होगी. ऐसे में या तो भारत की क्षेत्रीय भाषाओं की कुर्बानी होगी या फिर सरकार दसवीं और बारहवीं में भी तीन भाषा का फार्मूला लागू करे.

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हिंदी भाषा पर प्रकाश जावड़ेकर
ने कहा कि इस पर भी अगले महीने होने वाली कांफ्रेंस में रिव्यू किया जाएगा. उन्होंने कहा कि संविधान में मंजूर 23 भाषाओं का हिंदी की तरह ही समान महत्व है. जबकि अंग्रेजी विश्व संपर्क भाषा है. इन सभी भाषाओं के विकास के लिए भी समान अवसर हमारा संविधान देता है. सरकार भी इसका ही पालन कर रही है. की सिफारिशों पर विचार जरूर होगा लेकिन कौन-कौन सी सिफारिशें किस ढंग से मंजूर की जाएं इसके पहले जनता और राज्य सरकारों से काफी विमर्श होगा.

के लिए भी मौजूदा नियम कायदों में संशोधन करने जा रही है. नए मानदंडों पर उच्च शिक्षा संस्थानों का आकलन होगा. इसमें छात्रों को शिक्षा के बाद रोजगार यानी रोजगार परक शिक्षा सहित कई मानदंडों को और स्पष्ट किया जाएगा. इसके अलावा स्कूल के स्तर पर ही करियर काउंसलिंग देने का भी प्रावधान होगा. जावड़ेकर ने कहा कि भारतीय शिक्षण संस्थानों को विश्व स्तरीय बनाने के लिए भी कई नए मानदंड तैयार किए जाएंगे.

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