अब खाने की चीजों में मिलावट पर हो सकती है उम्रकैद की सजा

ड्राफ्ट में सिफारिश की गई है कि अगर कोई शख्स मिलावटखोरी करता है और उससे खाने वाले को नुकसान, मृत्यु, बीमारी होती है तो आरोपी को कम से कम सात साल जेल की सजा देनी चाहिए. यही नहीं, इस सजा को बढ़ाकर उम्रकैद में भी बदला जा सकता है.

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फाइल फोटो. फाइल फोटो.

आदित्य बिड़वई

  • नई दिल्ली,
  • 27 जून 2018,
  • अपडेटेड 12:13 PM IST

अब यदि कोई कंपनी या दुकानदार खाने-पीने की चीजों में मिलावट करते हुए पकड़ा जाएगा तो उसे उम्रकैद और 10 लाख रुपए तक का जुर्माना हो सकता है. इन नियमों की सिफारिश फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ने फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट के संशोधन प्रस्ताव में की है.

यह कदम एफएसएसएआई ने सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश पर किया है जिसमें के लिए सख्त प्रावधान बनाने की बात कही थी. इस एक्ट में कुल 100 संशोधनों का ड्राफ्ट जारी किया गया है.

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ड्राफ्ट में सिफारिश की गई है कि अगर कोई शख्स मिलावटखोरी करता है और उससे खाने वाले को नुकसान, मृत्यु, बीमारी होती है तो आरोपी को कम से कम सात साल जेल की सजा देनी चाहिए. यही नहीं, इस सजा को बढ़ाकर उम्रकैद में भी बदला जा सकता है.

ड्राफ्ट में जुर्माना के भी प्रावधान की बात कही गई है. जिसके अनुसार कम से कम 10 लाख रुपये जुर्माना दिया जा सका है. संशोधनों पर 2 जुलाई तक लोगों से टिप्पणियां मांगी गई हैं.

इसके अलावा बनाने का भी प्रस्ताव है. इसके तहत राज्यों में भी फूड सेफ्टी अथॉरिटी बनाने,

फूड सेफ्टी अधिकारी के काम में बाधा डालने, धमकी देने और हमला करने की सजा भी बढ़ाने का प्रस्ताव है.

साथ ही 6 महीने से दो साल तक जेल और 5 लाख रुपये जुर्माने की सिफारिश की गई है. एक्सपोर्ट और इम्पोर्ट होने वाली खाद्य सामग्री पर भी इस एक्ट के तहत सख्त नियम बनाने जाने वाले हैं.

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