फैक्ट चेक: दो महासागरों के संगम का ये वायरल वीडियो है झूठा

सोशल मीडिया पर एक वीडियो इन दिनों खूब शेयर किया जा रहा है जिसमें दावा किया जाता है कि ये शानदार दृश्य उस समय का है जिसमें अटलांटिक महासागर और प्रशांत महासागर एक दूसरे से मिलते हैं. वीडियो में दिख रहा है कि रेखा के एक तरफ पानी बिलकुल नीला है जबकि दूसरी तरफ पानी थोड़ा गंदा है. 

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आजतक फैक्ट चेक

दावा
ये स्थान अटलांटिक और प्रशांत महासागर का मिलन बिंदु है. ये आपस में मिलते जरुर हैं लेकिन आपस में घुलते नहीं हैं.
सच्चाई
ये दो समुंदरों का मिलन नहीं बल्कि नदी और समुद्र का मेल है.

चयन कुंडू / बालकृष्ण / देवांग दुबे गौतम

  • ,
  • 15 फरवरी 2019,
  • अपडेटेड 12:35 AM IST

सोशल मीडिया पर एक वीडियो इन दिनों खूब शेयर किया जा रहा है जिसमें दावा किया जाता है कि ये शानदार दृश्य उस समय का है जिसमें अटलांटिक महासागर और प्रशांत महासागर एक दूसरे से मिलते हैं. वीडियो में दिख रहा है कि रेखा के एक तरफ पानी बिलकुल नीला है जबकि दूसरी तरफ पानी थोड़ा गंदा है.  कहा ये जा रहा है कि  “ये मिलते जरुर हैं लेकिन आपस में घुलते नहीं हैं.”

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ये वीडियो सोशल मीडिया पर फेसबुक पेज   पर उसी दावे का साथ दिखा. ज्यादातर लोग इसे प्रकृति का चमत्कार मान बैठते हैं, लेकिन इंडिया टुडे एंटी फेक न्यूज वार रुम (AFWA) की पड़ताल में दावा झूठा निकला. ये प्रशांत और अटलांटिक महासागर के मिलने की जगह नहीं बल्कि कनाडा के वैंकुवर द्वीप के नजदीक प्रशांत महासागर में जॉर्जिया की जलसंधि पर मिलने वाली एक नदी है.

पिछले दिनों फेसबुक पेज “PROUD TO BE AN INDIAN” द्वारा पोस्ट की गए इस वीडियो को करीब 500 से ज्यादा यूजर्स ने शेयर किया है. ऐसे कई और फेसबुक पेज हैं जिन्होंने पहले भी इस वीडियो को शेयर किया है. 

फेसबुक के अलावा सोशल मीडिया की कई साइट्स पर हजारों लोगों ने इस वीडियो को देखा और शेयर किया है. हमने पाया कि पिछले साल दुनिया भर में मशहूर न्यूज एजेंसी ने भी इस वीडियो को चेक किया और एक स्टोरी की और पाया कि वीडियो में किया गया दावा गलत है.

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एएफपी ने उस महिला को ढूंढ निकाला जिसने ये वीडियो शूट किया था. अमेरिकी टूरिस्ट मार्यन स्टीव पियरसन ने ये वीडियो 2 जुलाई 2015 को शूट किया था. उन्होंने यूट्यूब पर ये वीडियो  इस शीर्षक के साथ पोस्ट किया था “ जब महासागर से मिलती है नदी ( फ्रेजर नदी का पानी जॉर्जिया की जलसंधि में मिलती है).” यूट्यूब का ये वीडियो 1.27 मिनट का है और अबतक इसी 2 लाख 81 हजार से ज्यादा लोग देख चुके हैं.

पियरसन ने अपने यूट्यूब पोस्ट पर साफ लिखा है कि असली वीडियो पर उनका कॉपीराइट है. उन्होंने लोगों को चेतावनी भी दी है कि लोग “ वीडियो के बारे में गलत जानकारी न फैलाएं.”

पियरसन के मुताबिक ये वीडियो “नानइमो, वैंकुवर द्वीप (ड्यूक प्वॉइंट से वैंकुवर (ताहवासेन) कनाडा जाने वाली नौका यात्रा के दौरान शूट की गई. फ्रेजर नदी प्रशांत महासागर में जॉर्जिया जलसंधि में जाकर मिलती है. फ्रेजर नदी के मिलन का ये अनोखा नजारा वैंकुवर के नजदीक देखा जा सकता है और इसे देखने दुनिया भर से टूरिस्ट यहां आते हैं.

विक्टोरिया विश्वविद्यालय के एक स्टडी “ ओशियन नेटवर्क्स कनाडा” के मुताबिक जब फ्रेजर नदी का ताजा पानी वैंकुवर के नजदीक महासागर से मिलता है तो ताजा पानी और समुद्री खारे पानी के बीच एक कवच बन जाता है. समुद्र विज्ञानियों के मुताबिक “ ये जॉर्जिया की जलसंधि को शो पीस का रूप देती है.”

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के मुताबिक नदी और महासागर का पानी आपस में मिलता जरुर है लेकिन “ ये गर्मियों के शुरुआती दिनों में होता है जब फ्रेजर नदी का पानी अपेक्षाकृत मटमैला होता है और उसमें अशुद्धियां घुली होती हैं, इसलिए महासागर के पानी और नदी के बीच में साफ अंतर किया जा सकता है. क्योंकि सागर का पानी हल्का भूरे रंग का होता है. 

इसलिए इंडिया टुडे फैक्ट चेक टीम ने पाया कि ये वीडियो पूरी तरह गलत है. ये स्थान प्रशांत और अटलांटिक महासागर के मिलने की जगह नहीं है. 

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