शाह से मिलकर भी CAA से सहमत नहीं हुई महिला, गोयल बोले- समझाएंगे

डॉक्टर शकुंतला ने इंडिया टुडे से बातचीत करते हुए कहा कि गृहमंत्री अमित शाह ने नए नागरिकता कानून के समर्थन में मिस्ड कॉल की अपील की. शकुंतला ने कहा कि मैंने दिए नबंर पर मिस्ड कॉल दिया, लेकिन मैं सच में इस कानून को समझ नहीं पाई.

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अमित शाह (फाइल फोटो- Aajtak) अमित शाह (फाइल फोटो- Aajtak)

तनुश्री पांडे / अंकित यादव

  • नई दिल्ली,
  • 06 जनवरी 2020,
  • अपडेटेड 12:01 AM IST

  • CAA को लेकर अमित शाह ने की डॉक्टर शकुंतला से मुलाकात
  • शकुंतला बोली- मैं गृहमंत्री से मिलने के बाद भी कानून से कन्विंस्ड नहीं

नए नागरिकता कानून (CAA) को लेकर देश के कई हिस्सों में लगातार विरोध प्रदर्शन जारी हैं. इसे देखते हुए भारती जनता पार्टी ने इस एक्ट के समर्थन में मिस्ड कॉल अभियान शुरू किया है. इस कैम्पेन के तहत कोई भी शख्स दिए गए नंबर पर मिस्ड कॉल कर नए नागरिकता कानून पर अपना समर्थन दे सकता है.

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भारतीय जनता पार्टी ने अपने ट्विटर हैंडल पर नंबर शेयर करते मिस्ड कॉल कर CAA का समर्थन करने की अपील की. वहीं, गृहमंत्री अमित शाह ने भी अपील की कि पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आए अल्पसंख्यकों को न्याय व अधिकार देने वाले CAA पर अपना समर्थन देने के लिए मिस्ड कॉल दें.

वहीं, एक महिला का कहना है कि वो से मुलाकात के बाद भी नए नागरिकता कानून को पूरी तरह नहीं समझ पाईं. डॉक्टर शकुंतला ने इंडिया टुडे से बातचीत करते हुए कहा कि गृहमंत्री अमित शाह ने नए नागरिकता कानून के समर्थन में मिस्ड कॉल की अपील की. शकुंतला ने कहा कि मैंने दिए नंबर पर मिस्ड कॉल दिया, लेकिन मैं सच में इस कानून को समझ नहीं पाई.

CAA से कन्विंस्ड नहीं शकुंतला

बता दें कि महिला से अमित शाह ने मुलाकात की. इसके बाद भी कहना है कि वो अभी तक इस नए नागरिकता कानून से कन्विंस्ड नहीं है. अमित शाह से मुलाकात के बाद भी महिला इस कानून कन्विंस्ड नहीं हुई. इसे लेकर बीजेपी सांसद विजय गोयल ने कहा कि ऐसे लोगों को दोबारा बताएंगे. गोयल ने कहा कि यह डेमोक्रेसी है, इसलिए दोबारा मिलकर नए नागरिकता कानून को उन्हें समझाएंगे.

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बता दें कि नए नागरिकता कानून को लेकर देश भर में घमासान लगातार जारी है. एक तरफ जहां इस कानून के खिलाफ सड़कों पर लोग प्रदर्शन कर रहे हैं और इस मुद्दे को विपक्षी पार्टियां भी भुनाने में जुटी हैं. वहीं, इस कानून के समर्थन में भी लोग सड़कों पर उतर आए हैं. बीजेपी और केंद्र की मोदी सरकार इस कानून के समर्थन में अलग-अलग तरह के कैम्पेन चला रही है, तो वहीं इस कानून के बचाव में अपना पक्ष भी रख रही है.

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