डीके शिवकुमार केस में चिदंबरम वाली दलील, कॉपी-पेस्ट पर SC ने ED को फटकारा

डीके शिवकुमार की जमानत को खत्म करने के लिए दायर की गई प्रवर्तन निदेशालय की याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है. सुनवाई के दौरान जस्टिस नरीमन ने ईडी को फटकार भी लगाई.

कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार (Photo- Aajtak)
अनीषा माथुर/संजय शर्मा
  • नई दिल्ली,
  • 15 नवंबर 2019,
  • अपडेटेड 12:37 PM IST

  • कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत
  • जमानत खत्म करने के लिए दायर ईडी की याचिका खारिज

कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. डीके शिवकुमार की जमानत को खत्म करने के लिए दायर की गई प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है. सुनवाई के दौरान जस्टिस नरीमन ने ईडी को फटकार भी लगाई.

जस्टिस नरीमन ने ईडी से कहा कि अपने अधिकारियों को सुप्रीम कोर्ट के फैसलों को पढ़ने के लिए कहें. हमारे फैसलों को हल्के में नहीं लिया जा सकता है. सुप्रीम कोर्ट ने ईडी को कहा कि ये देश के नागरिकों को ट्रीट करने का कोई तरीका नहीं.

FIR खारिज के लिए ईडी को SC से नोटिस

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने ईडी को फटकार लगाते हुए कहा कि आप डीके शिवकुमार केस में पी चिदंबरम वाली दलील पेश कर रहे हैं, जो कॉपी-पेस्ट है और इसमें बदलाव भी नहीं किया गया है. सुप्रीम कोर्ट ने डीके शिवकुमार की याचिका पर प्रवर्तन निदेशालय को नोटिस दिया कि वह उनके खिलाफ एफआईआर को खारिज करें. बता दें कि ईडी ने दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी.

निजी मुचलके पर जमानत मिली थी

गौरतलब है कि 23 अक्टूबर को दिल्ली हाईकोर्ट ने 25 लाख के निजी मुचलके पर शिवकुमार को मनी लांड्रिंग मामले में जमानत दी थी. हाईकोर्ट ने डीके शिवकुमार को बिना अनुमति देश के बाहर जाने पर रोक लगा दी और जांच में सहयोग करने का आदेश दिया था. डीके शिवकुमार 25 अक्टूबर तक प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल में बंद थे. इससे पहले ट्रायल कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका को खारिज कर दिया था.

मामला-

शिवकुमार साल 2016 में नोटबंदी के बाद से आयकर विभाग और ईडी के निशाने पर थे. 2 अगस्त 2017 में उनके नई दिल्ली के फ्लैट की तलाशी जब आयकर विभाग ने ली तो वहां से 8.59 करोड़ रुपये नगद मिले जिसे विभाग ने जब्त कर लिया. आयकर विभाग ने उनके और उनके चार सहयोगियों के खिलाफ आई टी (इनकम टैक्स) एक्ट की धारा 277 और 278 और भारतीय दंड संहिता के धारा 120 (बी), 193 और 199 के तहत मामले दर्ज किए.

आयकर विभाग के चार्जशीट के आधार पर ईडी ने शिवकुमार, हनुमंथैया (नई दिल्ली में कर्नाटक भवन का एक कर्मचारी) सहित कई अन्य के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया. गिरफ्तारी के बाद शिवकुमार के समर्थक में कांग्रेस ने प्रदर्शन भी किया था.

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