टैक्स प्रणाली को सरल बनाने पर PM मोदी का जोर, कहा- सिस्टम ऐसा हो जिसे जनता समझ सके

पीएम मोदी ने कहा, 'लोगों को टैक्स भरने में दिक्कत नहीं पर उनकी सुविधा का ध्यान रखें. बार-बार चक्कर लगवाकर परेशान न करें.'

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सम्मेलन का उद्धाटन करते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सम्मेलन का उद्धाटन करते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

स्‍वपनल सोनल

  • नई दिल्ली,
  • 16 जून 2016,
  • अपडेटेड 2:25 PM IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को दो दिवसीय राजस्व ज्ञान संगम का उद्घाटन किया. इस मौके पर उन्होंने टैक्स प्रणाली को आसान बनाने पर जोर दिया. पीएम ने कहा कि टैक्स प्रणाली ऐसी होनी चाहिए कि ताकि आम जनता इसे आसानी से समझ सके.

अपने संबोधन में पीएम ने कहा कि टैक्स प्रणाली के लिए RAPID (रेवेन्यू, एकाउंटिबिलिटी, प्रोबिटी, इंफॉर्मेशन और डिजिटाइजेशन) लागू करने की बात कही. पीएम मोदी ने कहा, 'लोगों को टैक्स भरने में दिक्कत नहीं पर उनकी सुविधा का ध्यान रखें. बार-बार चक्कर लगवाकर परेशान न करें.' प्रधानमंत्री ने टैक्स ऑफिसर्स से कहा कि वे टैक्स पेयर्स के लिए मेंटर की भूमिका निभाएं.

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प्रधानमंत्री ने सीनियर टैक्स एडमिनिस्ट्रेशन के एनुअल मीट में कहा, 'अफसर टैक्स चुकाने वालों और विभाग के बीच पुल का काम करें.' इस मौके पर वित्त मंत्री अरुण जेटली के साथ ही वित्त राज्य मंत्री जयंत सिन्हा भी मौजूद थे. पीएम ने असफरों से अपील की कि वे दो दिन के ज्ञान संगम को कर्म संगम में बदल दें.

'हमें करदाताओं का विश्वास जीतना है'
सम्मेलन को संबोधित करते हुए वित्त राज्य मंत्री जयंति सिन्हा ने बताया कि देश में 5.43 करोड़ करदाता हैं. उन्होंने अफसरों को लक्ष्य देते हुए कहा, 'हमें इस आंकड़े को बढ़कार 10 करोड़ करना है. जैसा कि प्रधानमंत्री ने कहा है कि हमें टैक्स पेयर्स के विश्वास को जीतना होगा.'

राजस्व सचिव हसमुख अध‍िया ने कहा, 'हमें अफसरों से टैक्स लगाने और लेने की पॉलिसी पर कई सुझाव मिले हैं. टैक्स फैसिलिटेशन एक्ट बनाने का भी सुझाव अधि‍कारियों ने दिया है. इसके साथ ही विभागों के बीच के संवाद को भी पेपरलेस बनाने पर जोर देना होगा.'

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