केंद्र सरकार के वकील ने कहा कि सरकार पहले ही पार्लियामेंट मे कह चुकी है कि कुलभूषण जाधव को लेकर जो भी भारत लाने के बेहतर प्रयास हो सकते हैं, किये जा रहे हैं. इस मामले में सरकार ही नहीं बल्कि पूरा देश एकमत है. अपनी बात रखते हुए याचिकाकर्ता ने कहा कि ये मामला जाधव की किडनेपिंग से जुड़ा हुआ है.
दिल्ली हाई कोर्ट ने याचिकाकर्ता से कहा कि जो प्रेयर आप कोर्ट में लेकर आए हैं क्या आप वो सरकार के पास लेकर गए, और अगर नहीं गए तो क्यों नहीं गए. आप जनहित याचिका लगा रहे हैं, क्या आपको पता है कि जाधव जैसे कितने मामले हैं जो अपहरण से जुड़े हुए हैं.
याचिकाकर्ता ने कहा कि हमने सरकार को एक RTI लगाई थी जिसमें हमें भारत सरकार से जवाब मिला कि इस तरह के मामलों में गृह मंत्रालय की तरफ से कोई प्रोटोकॉल फॉलो नहीं किया जाता है.
कोर्ट ने इस बात पर भी नाराजगी जताई कि इस तरह के संवेदनशील मामलों में जब तक कोर्ट में सुनवाई नहीं हुई, तब तक आप इसे मीडिया को कैसे दे सकते हैं. कोर्ट ने कहा कि हम 3 बजे इस मामले में अपना फैसला सुनाएंगे.
पूनम शर्मा