केंद्र और पश्चिम बंगाल सरकार सियासी लड़ाई में उलझी हैं. इस बीच कोरोना ने पश्चिम बंगाल में सबसे बड़ा हमला कर दिया. बीते चौबीस घंटे में ममता के राज्य में कोरोना ने कोई ममता नहीं दिखाई और प्रदेश में कुल मौत का आंकड़ा 140 हो गया है. पश्चिम बंगाल में कोरोना से मौत की दर देश के बाकी राज्यों की अपेक्षा सबसे ज्यादा है.
पश्चिम बंगाल की सियासी लड़ाई में फायदा कोरोना को हो रहा है और नुकसान वहां की जनता उठा रही है. आपको ये जानकर हैरान रह जाएंगे कि जिस राज्य में कोरोना की रफ्तार बेहद कम थी, वहां अब कोरोना मीटर फुल स्पीड से भाग रहा है. देश के किसी भी राज्य की तुलना में कोरोना से मरने वालों की दर पश्चिम बंगाल में कहीं ज्यादा है.
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क्या है आंकड़ें
अगर पिछले पांच दिनों में प्रदेश का हाल देखें तो पश्चिम बंगाल से आंकड़े चौंकाने वाले हैं. एक मई को कोरोना के एक्टिव केस की संख्या 623 थी और मरने वालों की 33. दो मई को आंकड़े में कोई फर्क नहीं आया. तीन मई को एक्टिव केस 738 हो गए लेकिन मरने वालों की संख्या 33 ही रही.
चार मई को एक्टिव केस 777 हो गए और मरने वाले भी दो और बढ़कर 35 हो गए. लेकिन पांच मई को एक्टिव मरीजों की संख्या 908 हो गई, वहीं मरने वालों की संख्या अचानक बढ़कर 133 हो गई. यानी एक दिन में 98 लोगों की मौत हो गई है. वहीं, 6 मई को एक्टिव केस की संख्या घटकर 840 हो गई, जबकि मौत का आंकड़ा बढ़कर 140 हो गया.
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केंद्रीय टीम की राज्य सरकार को चिट्ठी
पश्चिम बंगाल से निकलने से पहले केंद्रीय टीम ने राज्य के मुख्य सचिव राजीव सिन्हा को एक चिट्ठी लिखी, जिसमें राज्य में खराब इंतजाम को दिखाया गया है.उस चिट्ठी में टीम के मुखिया और भारत सरकार के विशेष सचिव अपूर्व चंद्रा ने लिखा है कि राज्य सरकार ने अलग-अलग समय पर मरने वालों और कोरोना मरीजों का जो ब्योरा दिया है, उनमें बहुत फर्क है.
इस केंद्रीय टीम का कहना है कि राज्य में कोरोना से मृत्युदर 12.8 फीसदी है जो किसी भी राज्य से ज्यादा है. ये अत्यधिक उच्च मृत्यु दर राज्य में बेहद कम टेस्टिंग होना और कोरोना मरीजों की निगरानी और ट्रैकिंग की कमजोर व्यवस्था के कारण है. केंद्रीय टीम के आरोपों पर ममता के सांसद ने सीधे केंद्र पर हमला बोल दिया.
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ममता सरकार का पलटवार
तृणमूल कांग्रेस के सांसद पार्थ चटर्जी ने कहा कि इन केंद्रीय टीमों को निहित स्वार्थ और प्रतिशोध के साथ भेजा जा रहा है. मृत्यु दर भी उसी स्वार्थ और एजेंडा का एक हिस्सा है, जो कि बंगाल की छवि को खराब दिखाना चाहता है. हमने कोरोना टेस्ट की संख्या बढ़ा दी है और स्थिति नियंत्रण में है.
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