जानिए कांग्रेस के उपवास का कैसे बन गया उपहास

कांग्रेस के अध्यक्ष राहुल गांधी के मंच पर आकर बैठने के कुछ की देर में एक और विवाद उठ खड़ा हुआ. सोशल मीडिया पर एक तस्वीर तेजी से वायरल होने लगी जिसमें दिख रहा था कि उपवास पर आने से पहले माकन समेत तमाम कांग्रेस के नेता दिल्ली के एक होटल में बैठ कर साथ में खान-पान कर रहे हैं.

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कांग्रेस के अध्यक्ष राहुल गांधी कांग्रेस के अध्यक्ष राहुल गांधी

बालकृष्ण

  • नई दिल्ली,
  • 09 अप्रैल 2018,
  • अपडेटेड 7:28 PM IST

देश की राजनीति 2019 के लोकसभा चुनावों के मद्देनजर सरगर्मी में है. हर पार्टी अपने-अपने तरीकों से नए पैंतरे आजमा जनता को लुभा कर आने वाले चनावों को जीत कर सत्ता में आना चाह रही है. हर राजनीतिक दल एक-दूसरे पर लांछन लगा रही है या तो उनकी योजनाओं को भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी बता रही है.  देश में रोज नए मुद्दों पर हंगामे हो रहे हैं. जिसमें सबसे बड़ा मुद्दा आरक्षण को लेकर है.

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दलित आंदोलन पर राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दलित विरोधी, अल्पसंख्यक विरोधी और जातिवादी मानसिकता वाला व्यक्ति कहा है. उन्होंने कहा कि पूरा देश ये बात जानता है कि मोदी दलित विरोधी हैं और ये बात अब किसी से छिपी नहीं है क्योंकि अब तो खुद बीजेपी के सांसद भी मोदी को चिठ्ठी लिखकर यही बात कह रहे हैं. राहुल ने ये भी दावा किया कि कांग्रेस, बीजेपी की सांप्रदायिक नीतियों के खिलाफ मजबूती से लड़ती रहेगी और 2019 के लोकसभा चुनाव में एनडीए को पराजित करेगी.

बता दें, राहुल ने ये बातें सोमवार को  दिल्ली में महात्मा गांधी की समाधि राजघाट पर कांग्रेस के एक दिन के उपवास के बाद कहीं जिसमें राहुल के अलावा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शामिल हुए. कांग्रेस ने सोमवार को पूरे देश में के खिलाफ हिंसा, बिगड़ते सांप्रदायिक सौहार्द, कथित तौर पर बीजेपी सरकार की दलित विरोधी नीतियों, तमाम घोटालों और संसद नहीं चलने देने के खिलाफ एक दिन के अनशन का आयोजन किया था.

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दिल्ली में ये आयोजन दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी की तरफ से राजघाट पर किया गया था. जिसमें राहुल गांधी के अलावा अशोक गहलोत, शीला दीक्षित, मल्लिकार्जुन खड़गे, अजय माकन, रणदीप सुरजेवाला समेत तमाम नेता मौजूद थे.

दिल्ली में अनशन का कार्यक्रम कई ऐसे विवादों में घिर गया जिससे बीजेपी को कांग्रेस पर जवाबी हमला करने का मौका मिल गया. सबसे पहले अजय माकन के लिए तब अजीब स्थिति पैदा हो गई जब 1984 के सिक्ख दंगों के आरोपी सज्जन कुमार और जगदीश टाइटलर भी राजघाट पहुंच गए. टाइटलर तो बाकायदा उसी मंच पर जाकर बैठ गए जहां राहुल गांधी को बैठना था.

जिसके बाद माकन ने किसी तरह से इन दोनों नेताओं को कहकर वहां से विदा किया क्योंकि वे नहीं चाहते थे कि सांप्रदायिक हिंसा के खिलाफ होने वाले अनशन में ये दोनों नेता राहुल के साथ दिखें. हालांकि ये कार्यक्रम 11 बजे से 4 बजे तक चलना था लेकिन राहुल गांधी दोपहर एक बजे पहुंचे.

कांग्रेस के अध्यक्ष राहुल गांधी के मंच पर आकर बैठने के कुछ की देर में एक और विवाद उठ खड़ा हुआ. सोशल मीडिया पर एक तस्वीर तेजी से वायरल होने लगी जिसमें दिख रहा था कि उपवास पर आने से पहले माकन समेत तमाम कांग्रेस के नेता दिल्ली के एक होटल में बैठ कर साथ में खान-पान कर रहे हैं. राहुल गांधी को जब इस विवाद के बारे में पता चला तो उन्होंने अरविंदर सिंह लवली को इस बारे में जाकर सफाई देने को कहा जो उस तस्वीर में अपने नीले कुर्ते और नीली पगड़ी की वजह से साफ पहचाने जा रहे थे.

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अरविंदर सिंह लवली ने सफाई देते हुए कहा कि ये तस्वीर सुबह आठ बजे की है जब उपवास शुरू नहीं हुआ था. उन्होंने कहा कि इस तरह कि तस्वीरों को तूल देकर बीजेपी सिर्फ मुद्दे से भटकाने की कोशिश कर रही है. लेकिन इन विवादों की वजह से कुछ हद तक कांग्रेस के उपवास का उपहास तो बन ही गया.

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