भारत-चीन के रक्षामंत्रियों की डेलिगेशन बातचीत शुरू, डोकलाम विवाद के बाद पहली बैठक

आपको बता दें कि डोकलाम विवाद के बाद भी चीनी सैनिक कई बार भारतीय सीमा में दखल दे चुके हैं. इसको लेकर भारत कड़ा विरोध जता चुका है.

रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण और चीनी रक्षामंत्री वेई फेंगे
मंजीत नेगी
  • नई दिल्ली,
  • 23 अगस्त 2018,
  • अपडेटेड 2:23 PM IST

भारत और चीन के बीच हुए डोकलाम विवाद के लगभग एक साल बाद आज दोनों देशों के रक्षा मंत्री नई दिल्ली में बड़ी बैठक करेंगे. चीनी रक्षा मंत्री वेई फेंगे आज दिल्ली पहुंचे, जहां उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया. इसके बाद वह रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ डेलिगेशन बातचीत की.

बताया जा रहा है कि इस साल अक्टूबर में भी इसी तरह की एक सीनियर लेवल की बातचीत चीन में हो सकती है. अभी इसकी तारीख तय नहीं हुई है. वहीं इस साल के आखिर में दोनों देशों की सेनाएं सैन्य अभ्यास भी करेंगी.

क्या था डोकलाम विवाद?

बता दें, बीते साल जून से लेकर अगस्त के अंतिम हफ्ते करीब 72 दिनों तक भारत-चीन बॉर्डर के डोकलाम इलाके में देनों देशों की सेनाओं के बीच तनातनी देखने को मिली थी. ये माहौल काफी तनावपूर्ण था. ये विवाद सड़क बनाने को लेकर ही शुरू हुआ था. दरअसल भारतीय सेना के दल ने चीन के सैनिकों को इस इलाके में सड़क बनाने से रोका था.

चीन का दावा है था कि वह अपने इलाके में सड़क निर्माण कर रहा है. जबकि इस इलाके को भारत के लिहास से ये इलाके काफी महत्वपूर्ण है. चीन ये भी दावा करता है कि ये इलाका उसके डोंगलांग रीजन का हिस्सा है.

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