महिलाओं को गंदी बताकर चंडीगढ़ के मंदिर में प्रवेश पर लगाई पाबंदी

गांव के सरपंच शमशेर सिंह के मुताबिक एक तांत्रिक और पुजारी ने सलाह दी थी कि यदि मंदिर में महिलाएं प्रवेश ना करें तो गांव में चल रहे अपशगुन को टाला जा सकता है जिसके कारण कुछ युवकों की मौत हो गई.

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खेड़ा मंदिर खेड़ा मंदिर

मनजीत सहगल

  • चंडीगढ़,
  • 03 अगस्त 2017,
  • अपडेटेड 5:04 PM IST

लगभग 87 फीसद साक्षरता वाले शहर चंड़ीगढ़ से सटा कांसल गांव धर्म के कुछ ठेकेदारों के फरमान से सुर्खियों में आ गया है. कुछ लोगों ने मंदिर के बाहर बाकायदा एक बोर्ड टांग कर इस मंदिर में महिलाओं के प्रवेश पर पाबंदी लगा दी है.

करीब एक महीने पहले लिए गए इस फैसले के मुताबिक मंदिर में अब महिलाएं नही जा सकतीं. बताया जा रहा है कि गांव में रहने वाले धर्म के कुछ ठेकेदारों ने एक पुजारी की सलाह पर यह फैसला लिया है. फैसला लेने वालों में मंदिर कमेटी के लोग भी शामिल हैं.

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गांव के सरपंच शमशेर सिंह के मुताबिक एक तांत्रिक और पुजारी ने सलाह दी थी कि यदि मंदिर में महिलाएं प्रवेश ना करें तो गांव में चल रहे अपशगुन को टाला जा सकता है जिसके कारण कुछ युवकों की मौत हो गई. गांव के लोगों के मुताबिक एक पुजारी ने, जो कहीं और रहता है, गांव के लोगों को सलाह दी थी कि मंदिर में 40 दिनों के लिए महिलाओं का प्रवेश बंद कर दिया जाए जिससे यह संकट टल जाएगा.

गांव के निवासी संजू कंसल के मुताबिक महिलाएं पीरियड्स के दौरान गंदी होती हैं और इस दौरान उनके मंदिर में प्रवेश करने से खेड़ा मंदिर का देवता नाराज हो रहा था जिसके चलते यह प्रतिबंध लगाया गया है. स्थानीय नगर परिषद की काउंसलर के पति राम कृष्ण के मुताबिक महिलाओं के प्रवेश संबंधित जो फैसला लिया गया था उसमें गांव के सभी लोगों की सहमति है और यह फैसला उनके हित में लिया गया था.

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वहीं आज तक ने जब इस मामले पर गांव की महिलाओं से बात की तो वह मंदिर कमेटी के फैसले से नाराज जरूर दिखीं लेकिन उन्होंने प्रवेश को लेकर लगाई गई पाबंदी पर अपनी सहमति जताई है. इसे विडंबना ही कहें कि लगभग 2 महीने पहले तक गांव की सभी महिलाएं मंदिर के भीतर प्रवेश करती थी और कई महिलाएं तो अपना पूरा जीवन इसी गांव में गुजार गांव में गुजार चुकी.

आज तक ने अपनी छानबीन में पाया कि कंसल का खेड़ा मंदिर एकमात्र ऐसा मंदिर नहीं है जहां महिलाओं का प्रवेश निषेध है, गांव के नजदीक ही दो और मंदिर हैं जहां औरतों के प्रवेश पर पाबंदी है.

 

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