मेहुल चोकसी और ICICI की मुश्किलें बढ़ीं, 5280Cr का कर्ज भी CBI जांच के दायरे में

सीबीआई के मुताबिक शुरुआती जांच के बाद अगर जरूरी हुआ तो 5280 करोड़ रुपये भी कुल धोखाधड़ी की रकम में जोड़ दिए जाएंगे.

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मेहुल चोकसी मेहुल चोकसी

जावेद अख़्तर / मुनीष पांडे

  • नई दिल्ली,
  • 11 अप्रैल 2018,
  • अपडेटेड 11:02 PM IST

देश के सबसे बड़े बैंक घोटाले के आरोपी हीरा व्यापारी मेहुल चोकसी और आईसीआईसीआई बैंक (ICICI) की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं. केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की छानबीन में आईसीआईसीआई के नेतृत्व में 31 बैंकों के कंसोर्टियम द्वारा मेहुल चोकसी के गीतंजलि समूह को 5280 करोड़ रुपये का ऋण भी शामिल हो गया है. हालांकि इस मामले में सीबीआई ने कोई अलग प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है.

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इस नए खुलासे के बाद में बैंक धोखाधड़ी की कुल रकम भी बढ़ सकती है. नीरव मोदी और मेहुल चोकसी पर 13 मार्च तक 13,578 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप है. सीबीआई के मुताबिक शुरुआती जांच के बाद अगर जरूरी हुआ तो 5280 करोड़ रुपये भी कुल धोखाधड़ी की रकम में जोड़ दिए जाएंगे.

इससे पहले, गीतांजलि समूह के यहां छापेमारी के दौरान, जांच एजेंसियों ने महत्वपूर्ण दस्तावेजों को जब्त किया था, जिसमें गीतांजलि और 31 बैंकों के एक सहयोगी के समझौते के दस्तावेज भी शामिल थे.

दस्तावेजों के मुताबिक, 31 बैंक के कंसोर्टियम ने गीतांजलि समूह को 5,280 करोड़ रुपये की एक 'कार्यशील पूंजी सुविधा' को मंजूरी दे दी थी, जो अब तक चुकाई नहीं गई है. अक्टूबर 2016 में ऋण को मंजूरी दे दी गई और अक्टूबर 2017 में इस समझौते को संशोधित किया गया.

यह दस्तावेज दिखाता है कि मेहुल चोकसी फर्म ने 'कार्यशील पूंजी सुविधा' का इस्तेमाल किया है. समझौते के मुताबिक, आईसीआईसीआई बैंक कंसोर्टियम में 'लीड बैंक' था, जिसने गीतांजलि समूह को 'कैपिटल सुविधा' की मंजूरी दी थी. आईडीबीआई ट्रस्टीशिप सर्विसेज लिमिटेड समझौते के लिए 'सुरक्षा न्यासी' थी. पीएनबी ने कंपनी को 587 करोड़ रुपये की ऋण राशि दी जबकि आईसीआईसीआई ने मेहुल को 405 करोड़ रुपये दिए हैं.

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किस बैंक ने मेहुल को कितने पैसे दिए

पीएनबी: 587 करोड़ रुपये

आईसीआईसीआई: 405 करोड़ रुपये

कॉर्पोरेशन बैंकः 297 करोड़ रुपये  

बैंक ऑफ बड़ौदा: 265 करोड़ रुपये

सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया: 206 करोड़ रुपये

सिंडिकेट बैंकः 231 करोड़ रुपये

कैनेरा बैंक: 195 करोड़ रुपये

आईओबी: 176 करोड़ रुपये

बीओआई: 173 करोड़ रुपये

एसबीएच: 140 करोड़ रुपये

देना बैंक: 121 करोड़ रुपये

जम्मू एंड कश्मीर बैंक: 121 करोड़ रुपये

ओबीसी: 121 करोड़ रुपये

यूबीआई: 121 करोड़ रुपये

एक्सिस बैंकः 109 करोड़ रुपये

आईडीबीआई बैंकः 99 करोड़ रुपये

कर्नाटक बैंक: 87 करोड़ रुपये

एसबीबीजेः 87 करोड़ रुपये

एसबीआई: 52 करोड़ रुपये

विजया बैंक: 63 करोड़ रुपये

इंडसइंड: 58 करोड़ रुपये

करूर वैश्य: 30 करोड़ रुपये

लक्ष्मी विलास: 30 करोड़ रुपये

बैंक ऑफ महाराष्ट्र: 24 करोड़ रुपये

इलाहाबाद बैंक: 41 9 करोड़ रुपये

आंध्रा बैंक: 240 करोड़ रुपये

यूनाइटेड बैंक: 207 करोड़ रुपये

स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक: 100 करोड़ रुपये

एसबीएम बैंक मॉरिशस लिमिटेड: 75 करोड़ रुपये

कैथोलिक सीरियन बैंक: 50 करोड़ रुपये

पंजाब एंड सिंध बैंक: 29 करोड़ रुपये

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