कौन हैं वो 4 लोग जिन्हें आलोक वर्मा के घर के बाहर से दबोचा गया

मामला रफा-दफा करने के लिए एकदूसरे पर घूस लेने का आरोप लगाने के बाद सीबीआई के दो बड़े अफसरों को छुट्टी पर भेज दिया गया. अब इस मामले में नया मोड़ आ गया है.

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आलोक वर्मा [फाइल फोटो, पीटीआई] आलोक वर्मा [फाइल फोटो, पीटीआई]

अमित राय

  • नई दिल्ली,
  • 25 अक्टूबर 2018,
  • अपडेटेड 10:51 AM IST

छुट्टी पर भेजे गए सीबीआई के डायरेक्टर के दिल्ली के जनपथ स्थित आवास के बाहर से 4 संदिग्धों को पकड़ा गया है. ये लोग बुधवार की रात 2 कारों में आए थे. उनकी गतिविधियों को देखते हुए सुरक्षाकर्मियों ने उनसे पूछताछ करने की कोशिश की लेकिन ये लोग भागने लगे. सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें पकड़कर पुलिस को सौंप दिया. पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है.

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सवाल उठता है कि ये लोग कौन हैं और आलोक वर्मा के घर के बाहर क्या कर रहे थे? क्या उन्हें सरकार ने भेजा था? या किसी और ने? हिरासत में लिए गए लोगों को तलाशी लेने के बाद यह मामला और गंभीर हो गया है. इन लोगों के पास से इंटेलिजेंस ब्यूरो के कार्ड मिले हैं. जानिए किसके पास से क्या-क्या मिला?  

गृह मंत्रालय  

जूनियर इंटेलिजेंस ऑफिसर

पैन कार्ड RC9837,वैध 2021 तक

सीजीएचएस कार्ड नंबर- 97696

इंटरनेशनल ड्राइविंग लाइसेंस

जूनियर ऑफिसर  इंटेलिजेंस ब्यूरो

कार्ड नंबर 4450 वैध 2019 तक

असिस्टेंट ऑफिसर इंटेलिजेंस ब्यूरो

सीजीएचएस कार्ड नंबर- 4979834

आधार कार्ड नंबर 751338082063

4-विनीत कुमार गुप्ता

असिस्टेंट ऑफिसर इंटेलिजेंस ब्यूरो

वैध सितंबर 2020

1-मोबाइल फोन

1-सैमसंग का पैड

1-एमआई स्मार्ट फोन

1-माइक्रोमैक्स स्मार्ट फोन

क्या है मामला?

CBI ने राकेश अस्थाना (स्पेशल डायरेक्टर) और कई अन्य के खिलाफ कथित रूप से मीट कारोबारी मोइन कुरैशी की जांच से जुड़े सतीश साना नाम के व्यक्ति के मामले को रफा-दफा करने के लिए घूस लेने के आरोप में FIR दर्ज की थी. इसके एक दिन बाद डीएसपी देवेंद्र कुमार को गिरफ्तार किया गया. इस गिरफ्तारी के बाद मंगलवार को सीबीआई ने अस्थाना पर उगाही और फर्जीवाड़े का मामला भी दर्ज किया.

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सीबीआई के निदेशक आलोक वर्मा और विशेष निदेशक राकेश अस्थाना के बीच छिड़ी इस जंग के बीच, केंद्र ने सतर्कता आयोग की सिफारिश पर दोनों अधिकारियों को छु्ट्टी पर भेज दिया. इसके साथ ही जॉइंट डायरेक्टर नागेश्वर राव को सीबीआई का अंतरिम निदेशक बना दिया गया. चार्ज लेने के साथ ही नागेश्वर राव ने मामले से जुड़े 13 अन्य अधिकारियों का ट्रांसफर कर दिया.

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