गणतंत्र दिवस की खुशियों पर दहशत की काली नजर ना पड़े, सुरक्षा एजेंसियां इस बात का पूरा ख्याल रख रही हैं. खासकर जम्मू-कश्मीर में फौज, बीएसएफ और पुलिस को सतर्क रहने को कहा गया है. खुफिया एजेंसियों को आशंका है कि इस दौरान आतंकी पंजाब और जम्मू बॉर्डर पर किसी वारदात को अंजाम देने की कोशिश कर सकते हैं.
किसी भी आतंकी साजिश को नाकाम करने के लिए BSF ने जम्मू के 200 किलोमीटर लंबे इंटरनेशनल बॉर्डर पर ऑपरेशन अलर्ट लॉन्च किया है. ये ऑपरेशन 30 जनवरी तक जारी रहेगी. खुफिया सूत्रों के मुताबिक गणतंत्र दिवस से पहले सरहद पार आतंकियों की हलचल बढ़ी है और करीब 50-60 आतंकवादियों की मूवमेंट देखी गई है.
खुफिया एजेंसियों को आशंका है कि सरहद पार बैठे आतंक के आकाओं ने गणतंत्र दिवस से पहले 50-60 दहशतगर्दों को सीमा के करीब भेजा है. ये आतंकी लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और हिज्बुल मुजाहिदीन से जुड़े बताए जा रहे हैं. सूत्रों की मानें तो इनमें से 8-10 आतंकी कश्मीरी मूल के हो सकते हैं.
इन पाकिस्तानी इलाकों में आतंकी सक्रिय
सुरक्षा एजेंसियों के पास इस बात की पुख्ता जानकारी है कि BSF की पहाड़पुर पोस्ट के सामने पाकिस्तानी इलाके मसरूर बड़ा भाई में करीब 8-10 आतंकी घुसपैठ की फिराक में हैं. इसी तरह BSF की पोस्ट बोबिया के उस पार सुखमाल एरिया में 10-12 आतंकी सक्रिय देखे गए हैं. BSF की अरनिया पोस्ट के दूसरी तरफ पाकिस्तानी इलाके दरमान में भी 7-10 आतंकियों की हरकत दर्ज हुई है. BSF पोस्ट रामगढ़ के नजदीक सरहद की दूसरी तरफ जाफ्फरवाल में 9-11 आतंकियों की मौजूदगी की आशंका है. वहीं, सिमली और सियालकोट सेक्टर्स में भी 8-10 आतंकी भारत में घुसने की फिराक में बैठे हैं.
BSF की पैनी नजर
BSF अधिकारियों का कहना है कि जम्मू, सांबा और कठुआ जिलों में आतंकियों की घुसपैठ के रास्तों पर नजर रखी जा रही है. जम्मू बॉर्डर पर अतिरिक्त जवान तैनात किए गए हैं. सरहदी इलाकों में गश्त तेज कर दी गई है.
अश्विनी कुमार