ताजमहल हमारी सांस्कृतिक विरासत नहीं लेकिन इतिहास का हिस्सा: सुब्रमण्यम स्वामी

स्वामी के मुताबिक इसमें कोई शक नहीं कि ताजमहल, लालकिला, इंडिया गेट, संसद, राष्ट्रपति भवन जैसी हसीन इमारतें विदेशी शासकों की बनवाई हुई हैं. ये हमारी सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा नहीं बल्कि इतिहास की घटना की गवाह मात्र हैं.

सुब्रमण्यम स्वामी
संजय शर्मा/खुशदीप सहगल
  • नई दिल्ली,
  • 16 अक्टूबर 2017,
  • अपडेटेड 9:47 PM IST

यूपी से बीजेपी विधायक संगीत सोम की ओर से ताजमहल को भारत की संस्कृति पर दाग बताए जाने पर बीजेपी के राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने प्रतिक्रिया व्यक्त की है. संगीत सोम ने कहा था कि ताजमहल गद्दारों का बनाया हुआ है. स्वामी ने कहा कि ये खूबसूरत इमारतें बेशक हमारी सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा नहीं लेकिन इतिहास की घटना तो हैं इसलिए इनका इस्तेमाल होना चाहिए.

स्वामी ने कहा, हम कोई तालिबान नहीं हैं कि इतिहास की गवाह रही बुद्ध की मूर्तियां तोड़ डालें. बता दें कि तालिबान ने अफगानिस्तान में अपने शासन के दौरान ऐतिहासिक बुद्ध की मूर्ति तोड़ डाली थीं.

स्वामी के मुताबिक इसमें कोई शक नहीं कि ताजमहल, लालकिला, इंडिया गेट, संसद, राष्ट्रपति भवन जैसी हसीन इमारतें विदेशी शासकों की बनवाई हुई हैं. ये हमारी सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा नहीं बल्कि इतिहास की घटना की गवाह मात्र हैं. लिहाज़ा इनको इसी रूप में देखना और नई पीढ़ी को दिखाना चाहिए. 

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