उरी में आतंकी हमले के बाद से लगातार आवाज उठ रही है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पाकिस्तान पर कड़ी कार्रवाई करें. ये दबाव विपक्ष के साथ साथ सरकार की अपनी पार्टी बीजेपी के सांसद भी बना रहे हैं.
दरअसल विपक्ष खासकर कांग्रेस ने जिस तरह मोदी की चुनावी रैलियों में पाकिस्तान के खिलाफ दिए गए भाषण का जिक्र करते हुए केंद्र सरकार पर हमला बोला, उसने बीजेपी नेताओं पर भी ये दबाव बनाया कि आखिर मोदी इस मुद्दे पर ढील क्यों बरत रहे हैं और इसके बाद एक एक कर मंत्रियों और नेताओं के बयान आने लगे कि सही समय पर सिखाया जाएगा.
जवाबी कार्रवाई का आ गया है वक्त
पूर्व केंद्रीय गृह सचिव और बीजेपी सांसद आर.के. सिंह ने 'आजतक' से खास बातचीत में कहा कि पर हुए हमले के बाद केंद्र सरकार ने संयम बरता था, लेकिन अब उरी के सेना कैंप पर हुए हमले के बाद जवाबी कार्रवाई जरूरी हो गई है. हालांकि केंद्र सरकार किस तरह से अपना जवाब देने की तैयारी कर रही है, इस पर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया. लेकिन इतना जरूर कहा कि जो भी जवाब होगा वो प्रत्यक्ष होगा और इसका असर दिखाई देगा. सिंह ने कहा कि पाकिस्तान अब अगर हमारे एक सैनिक को मारे तो हमें उसके 2 सैनिक मारकर जवाब देना चाहिए.
परमाणु हमले में पाकिस्तान हो जाएगा तबाह
आर.के. सिंह ने कहा कि भारत को पाकिस्तान की इस धमकी से डरना नहीं चाहिए कि उसके पास परमाणु बम है जिसका वो इस्तेमाल करेगा क्योंकि ऐसी स्थति में भारत तो बच जाएगा लेकिन पूरा पाकिस्तान तबाह हो जाएगा. इसलिए भारत को डटकर जल्द से जल्द पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई शुरू करनी चाहिए.
चुप रहकर नहीं, कार्रवाई कर दो जवाब
इससे पहले पार्टी सांसद साक्षी महाराज भी कह चुके हैं कि भारत को इस बार चुप बैठकर नहीं बल्कि कार्रवाई कर पाकिस्तान को जवाब देना चाहिए.
शुक्रवार से केरल में पार्टी कार्यकारिणी की बैठक शुरू होगी जिसमें पार्टी अध्यक्ष अमित शाह और प्रधानमंत्री खुद मौजूद रहेंगे. जाहिर है बैठक में उरी हमले पर सरकार और पार्टी की भावी रणनीति पर भी चर्चा होगी जिस दौरान पहली बार इस मुद्दे पर मोदी पार्टी पदाधिकारियों और नेताओं के सामने अपनी चुप्पी तोड़ेंगे.
मोनिका शर्मा / रीमा पाराशर