पीएम पद की उम्मीदवारी पर घिरे डीएमके चीफ स्टालिन, BJP ने पूछा सवाल

 डीएमके चीफ स्टालिन से जब इस बावत रविवार को पूछा गया तो उन्होंने कहा कि वह राहुल गांधी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाए जाने के अपने रूख पर कायम हैं. इस पर तमिलसाई सुंदरराजन ने सवाल पूछा कि अगर स्टालिन अपने रूख पर कायम हैं तो उन्होंने कोलकाता में 22 दलों की मेगा रैली में राहुल गांधी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाए जाने का प्रस्ताव क्यों नहीं दिया.

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फाइल फोटो फाइल फोटो

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 21 जनवरी 2019,
  • अपडेटेड 6:26 AM IST

पीएम पद के कैंडिडेट को लेकर कथित तौर पर विरोधाभासी बयान देने के लिए डीएमके चीफ एम के स्टालिन पर बीजेपी ने हमला किया है. बीजेपी ने कहा कि डीएमके प्रमुख स्टालिन ने कोलकाता में हुई ममता बनर्जी की रैली में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बताने से मुकर गए जिससे पता लगता है कि वह अपने पहले के रुख से हट गए हैं.

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बता दें कि कुछ दिन पहले स्टालिन अपनी पार्टी की ओर से कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को पीएम नरेंद्र मोदी को हराने की काबिलियत रखने वाला बता चुके हैं. इसके साथ ही उन्होंने राहुल गांधी को पीएम पद का कैंडिडेट भी कहा था.

तमिलनाडु बीजेपी की अध्यक्ष तमिलसाई सुंदरराजन ने कहा कि स्टालिन ने चेन्नई में राहुल गांधी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाए जाने की बात की, लेकिन कोलकाता में वह ऐसा नहीं बोले, ऐसे विरोधाभासों से विपक्षी मोर्चे की हकीकत सामने आती है.

हालांकि स्टालिन से जब इस बावत रविवार को पूछा गया तो उन्होंने कहा कि वह राहुल गांधी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाए जाने के अपने रूख पर कायम हैं. इस पर तमिलसाई सुंदरराजन ने सवाल पूछा कि अगर स्टालिन अपने रूख पर कायम हैं तो उन्होंने कोलकाता में 22 दलों की मेगा रैली में राहुल गांधी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाए जाने का प्रस्ताव क्यों नहीं दिया.

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इन आरोपों पर स्टालिन ने कहा कि उन्होंने अपनी पार्टी के कार्यक्रम में राहुल गांधी को पीएम बनाने का प्रस्ताव दिया था जबकि कोलकाता की रैली में कई विपक्षी दल शामिल थे. उन्होंने कहा, "वह डीएमके का कार्यक्रम था जहां हमें पूरा अधिकार था और हमने राहुल गांधी के नाम का प्रस्ताव किया क्योंकि तमिलनाडु के लोगों को उम्मीद है और इसमें क्या गलत है."

स्टालिन के मुताबिक कोलकाता में किसी भी पार्टी के नेता ने यह नहीं कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री उम्मीदवार के लिए गांधी के नाम की घोषणा कर गलती की है.

बता दें कि 19 जनवरी को कोलकाता में नरेंद्र मोदी सरकार पर गरजते हुए स्टालिन ने कहा था कि लोकसभा चुनाव 2019 आजादी की दूसरी लड़ाई के समान साबित होगा. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ममता बनर्जी समेत कुछ लोगों से डरते हैं.

ब्रिगेड परेड ग्राउंड में स्टालिन ने कहा, "अगले लोकसभा चुनाव आजादी की दूसरी लड़ाई जैसे होंगे, हम हिंदुत्व एवं कट्टर हिंदूवाद के जहर को फैलने से रोकेंगे, हमारी अपील मोदी को हराने और देश को बचाने की है." स्टालिन ने केंद्र सरकार पर कॉरपोरेट घरानों के लिए काम करने का आरोप लगाते हुए उसकी आलोचना की.

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