भूपेश बघेल बोले- प्रज्ञा ठाकुर आदतन अपराधी, चाकूबाजी भी कर चुकी हैं

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने कहा कि साध्वी प्रज्ञा ने टी-शर्ट और जींस पहनने के बाद भगवा पहना है और कई लोगों के साथ बदतमीजी की है, इसलिए वह साध्वी नहीं बल्कि आदतन अपराधी हैं. 2008 मालेगांव ब्लास्ट की आरोपी प्रज्ञा फिलहाल जमानत पर बाहर हैं.

साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 05 मई 2019,
  • अपडेटेड 8:40 PM IST

लोकसभा 2019 चुनाव में भोपाल सीट से भाजपा प्रत्याशी साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने रविवार को जोरदार हमला बोला. उन्होंने कहा कि साध्वी प्रज्ञा ने टी-शर्ट और जींस पहनने के बाद भगवा पहना है. उन्होंने कहा, प्रज्ञा ठाकुर ने कई लोगों के साथ बदतमीजी की है, इसलिए वह साध्वी नहीं बल्कि आदतन अपराधी हैं. 2008 मालेगांव ब्लास्ट की आरोपी प्रज्ञा फिलहाल जमानत पर बाहर हैं और कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के खिलाफ चुनाव लड़ रही हैं.

जब बघेल से साध्वी के अतीत के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, ''प्रज्ञा ठाकुर जब छत्तीसगढ़ के बिलाईगढ़ में अपने जीजाजी के साथ रहती थीं, तब वह जींस-टी-शर्ट पहनती थीं और बाइक चलाती थीं.'' बघेल ने आगे कहा, ''प्रज्ञा ने कितने लोगों से चप्पल की भाषा में बात की है और एक शख्स को उन्होंने चाकू भी मार दिया था. बिलाईगढ़ का हर शख्स जानता है कि वह शुरुआत से आदतन अपराधी रही हैं.''

बघेल ने साध्वी पर निशाना साधते हुए कहा, "बाद में उन्होंने भगवा पहनना शुरू किया लेकिन उसे पहनने से कोई साध्वी नहीं बन जाता. उनका व्यवहार साध्वी की तरह नहीं लगता. लेकिन जब बघेल से पूछा गया कि प्रज्ञा द्वारा चाकू मारने वाले मामले की क्या स्थिति है तो उन्होंने इस पर कोई जवाब नहीं दिया. बघेल के इस बयान पर मध्य प्रदेश भाजपा के प्रवक्ता हितेश बाजपेई ने कहा कि छत्तीसगढ़ के सीएम का बयान अशोभनीय, शर्मनाक और झूठा है. यह पहली बार नहीं है कि जब बघेल ने साध्वी पर हमला बोला हो. पिछले महीने भी उन्होंने साध्वी को आदतन अपराधी कहा था. बघेल ने कहा था कि साध्वी प्रज्ञा झगड़ालू प्रवृत्ति की रही हैं और छोटी-छोटी बात पर झगड़ा करती थीं. भोपाल लोकसभा सीट पर मतदान छठे चरण यानी 12 मई को होगा.

विवादित बयानों से मचाई सनसनी

 टिकट मिलने के बाद साध्वी प्रज्ञा ने 26/11 मुंबई हमले के शहीद और पूर्व एटीएस चीफ हेमंत करकरे पर विवादित बयान देकर सनसनी मचा दी थी. प्रज्ञा ने कहा था, मैंने हेमंत करकरे को श्राप दिया था कि उसका सर्वनाश होगा. उस दिन से सूतक लग गया था और सवा महीने बाद आतंकवादियों ने उसे मार दिया. इस मामले पर बवाल मचता देख साध्वी ने अपने बयान पर माफी मांग ली थी. 21 अप्रैल को उन्होंने कहा कि उन्होंने बाबरी मस्जिद गिराई थी और उन्हें इसका अफसोस नहीं है. साध्वी ने कहा था कि राम के मंदिर पर अपशिष्ट पदार्थ थे, जिन्हें हमने हटा दिया और उन्हें बाबरी मस्जिद गिराई जाने पर गर्व है.

साध्वी ने कहा था कि अयोध्या में जल्द ही राम का भव्य मंदिर बनाएंगे. उनके इस बयान पर चुनाव आयोग ने उन्हें नोटिस भी जारी कर आचार संहिता के उल्लंघन का मामला दर्ज किया गया था. इसके बाद सीहोर में साध्वी ने दिग्विजय सिंह को आतंकवादी बताया था. बयान में साध्वी ने कहा था, 16 साल पहले उमा भारती ने हराया था और वह 16 साल तक मुंह नहीं उठा पाया. अब फिर से सिर उठा रहा है तो दूसरी संन्यासी सामने है, जो उसके कर्मों का सीधा सबूत है. साध्वी ने कहा था कि ऐसे आतंकी को खत्म करने के लिए फिर संन्यासी को खड़ा होना पड़ रहा है.

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