हमने लड़ी राम मंदिर के लिए लड़ाई, ट्रस्ट में हमें भी मिले जगह: VHP

अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद राम मंदिर के लिए ट्रस्ट का गठन शुरू हो गया है. हालांकि ट्रस्ट में कौन होगा ये तो अब तक साफ नहीं हो पाया है, लेकिन विश्व हिंदू परिषद के कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि जिसे भगवान राम में आस्था हो उसे ही ट्रस्ट में होना चाहिए.

आलोक कुमार (फाइल फोटो)
हिमांशु मिश्रा
  • नई दिल्ली,
  • 12 नवंबर 2019,
  • अपडेटेड 5:25 PM IST

अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद राम मंदिर के लिए ट्रस्ट का गठन शुरू हो गया है. हालांकि ट्रस्ट में कौन होगा ये अब तक साफ नहीं हो पाया है. इस बीच विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि जिसे भगवान राम में आस्था हो उसे ही ट्रस्ट में होना चाहिए.

आलोक कुमार ने कहा कि ट्रस्ट बनाने का काम सरकार का है, लेकिन मंदिर निर्माण की लड़ाई राम जन्मभूमि न्यास ने लड़ी. मंदिर के लिए जो सामग्री चाहिए वो ज्यादातर न्यास ने दिए. हर कोई चाहता है कि मंदिर का निर्माण जल्द हो.

उन्होंने कहा, 'मंदिर के लिए जो खम्बे और सामग्री चाहिए उनके 60 फीसदी न्यास ने बनाए हैं. एक खम्बा को बनाने में करीब 3 महीने लगते हैं. इसलिए ट्रस्ट में राम भक्त होने चाहिए जिनका राम में भरोसा है लेकिन जो राम को नहीं मानता, उनमें आस्था नहीं रखता, उन्हें ट्रस्ट में नहीं होना चाहिए.'

आलोक कुमार ने कहा, 'हर कोई चाहता है कि मंदिर का निर्माण जल्द हो. सोनपुरा जी ने जो मोडल बनाया वही पूरे भारत में घुमा. लोगों ने उनकी पूजा की इसलिए वही मोडल अच्छा होगा.'

मंदिर के पास न बने मस्जिद

साथ ही उन्होंने कहा कि मस्जिद राम मंदिर के पास नहीं बनाई जानी चाहिए, क्योंकि ऐसा करने पर कानून व्यवस्था को लेकर हमेशा डर की स्थिति बनी रहेगी. आलोक कुमार ने कहा कि हमारा मानना है कि जो मस्जिद बनाई जाएगी उसका नाम बाबर के नाम पर नहीं होना चाहिए. क्योंकि पूरा विश्व जानता है कि बाबर एक विदेशी आकारान्ता था.

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