अन्ना के अनशन का सातवां दिन, 5 किलो कम हुआ हजारे का वजन

हजारे केंद्र व राज्यों में भ्रष्टाचार के मामलों की जांच के लिए लोकायुक्त का गठन करने का दबाव डाल रहे हैं. इसके अलावा वह चुनाव सुधार लाने और देश में कृषि क्षेत्र के संकट को दूर करने के लिए एम. एस. स्वामीनाथन कमेटी की सिफारिश लागू करने की मांग कर रहे हैं.

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अन्ना हजारे अन्ना हजारे

नंदलाल शर्मा

  • नई दिल्ली ,
  • 29 मार्च 2018,
  • अपडेटेड 1:38 PM IST

सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे का अनशन गुरुवार को सातवें दिन में प्रवेश कर गया और भ्रष्टाचार के खिलाफ मुहिम चलाने वाले बुजुर्ग कार्यकर्ता का वजन पांच किलोग्राम से ज्यादा घट गया है. यह दावा उनके सहयोगी ने किया है.

हजारे के सहयोगी दत्ता अवारी ने कहा कि अनशन की वजह से उनका रक्तचाप भी गिरा है.

बीजेपी के पूर्व सांसद और पार्टी छोड़कर कांग्रेस में जाने वाले नाना पटोले ने भी रामलीला मैदान में हजारे से मुलाकात की. हजारे 23 मार्च से अनशन पर है.

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अन्ना की मांगों पर सरकार ने साधी चुप्पी

बता दें कि अन्ना की मांगों पर केंद्र सरकार ने अब तक कोई प्रतिक्रिया जाहिर नहीं की है. उनके चिकित्सक धनंजय पोटे ने बताया कि हजारे का रक्तचाप बढ़ा हुआ है जबकि शरीर में शुगर (शर्करा) का स्तर घट गया था, जिससे उनको थकान महसूस हो रही है.

के स्वास्थ्य की देखभाल करने महाराष्ट्र के रालेगांव सिद्धि से आए पोटे ने कहा, " बुधवार को दोपहर तीन बजे जब अन्नाजी के स्वास्थ्य की जांच की गई तो उनका रक्तचाप 186/100 था. लोकनायक जय प्रकाश अस्पताल के चिकित्सकों के मुताबिक, उनके शरीर में रक्त शर्करा का स्तर घट गया है."

पोटे ने बताया कि बोलने में उनको तकलीफ हो रही है, इसलिए शाम पांच बजे की उनकी प्रेसवार्ता रद्द कर दी गई.

अन्ना टीम के कोर कमेटी सदस्य सुशील भट ने कहा कि हजारे ने मंगलवार को कहा कि केंद्र उनकी मांगों को लेकर बुधवार को एक कार्ययोजना लाएगी. हालांकि अधिकारियों ने पूरे दिन कोई औपचारिक संवाद स्थापित नहीं किया.

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हजारे केंद्र व राज्यों में भ्रष्टाचार के मामलों की जांच के लिए लोकायुक्त का गठन करने का दबाव डाल रहे हैं. इसके अलावा वह चुनाव सुधार लाने और देश में कृषि क्षेत्र के संकट को दूर करने के लिए एम. एस. स्वामीनाथन कमेटी की सिफारिश लागू करने की मांग कर रहे हैं.

सूत्रों के मुताबिक, सरकार तकरीबन सभी मांगें मानने को तैयार है, लेकिन सरकार का समयबद्ध तरीके से मांगों को अमल में लाने को लेकर कोई स्पष्ट रुख नहीं है.

उधर, पिछले साल लोकसभा से इस्तीफा देकर कांग्रेस में शामिल हुए भारतीय जनता पार्टी के पूर्व नेता नाना पटोले ने बुधवार को अन्ना को फोन किया.

किसानों को समर्थन देने पहुंचेंगे 10 हजार लोग

रामलीला मैदान में बुधवार को अन्ना के आंदोलन में भीड़ भी घट गई थी. तकरीबन 2,000 लोग वहां मौजूद थे, जबकि एक दिन पहले काफी तादाद में लोग प्रदर्शन में शामिल हुए थे. पटोले ने कहा कि गुरुवार को किसानों की भूख हड़ताल में शामिल होने को करीब 10,000 लोग यहां जुटेंगे.

इस बीच अन्ना टीम के सदस्यों ने बुधवार को कनॉट प्लेस में मार्च निकालने की कोशिश की लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया.

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