लॉकडाउन में फंसे मजदूरों के लिये केंद्र सरकार ने श्रमिक स्पेशल ट्रेन चलाई थीं, उसी के नाम पर अमित शाह ने ममता बनर्जी की आलोचना की. अमित शाह ने कि हमने ट्रेनों को स्पेशल श्रमिक ट्रेन नाम दिया, लेकिन ममता बनर्जी ने उसे कोरोना एक्सप्रेस बताया. शाह ने इसे मजदूरों का अपमान बताते हुये कहा कि आप मजदूरों के घाव पर नमक छिड़क रही हैं और वे इस अपमान को भूलेंगे नहीं. यही गाड़ी आपको बंगाल से बाहर का रास्ता दिखाएगी.
ममता बनर्जी को सीएए के मुद्दे पर अमित शाह ने घेरा. शाह ने कहा कि नागरिकता कानून जब आया तो उनका मुंह गुस्से से लाल हो गया. शाह बोले कि मैंने इतना गुस्सा कभी किसी पर नहीं देखा. उन्होंने कहा कि ममता दीदी सीएए का विरोध आपको भारी पड़ेगा और जब मतपेटी खुलेंगी तो बंगाल की जनता आपको राजनीतिक शरणार्थी बनाएगी.
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इसके अलावा शाह ने केंद्र सरकार की तारीफ भी की. उन्होंने कहा कि मोदी जी 2014 में देश के प्रधानमंत्री बनें और 2019 में फिर से जनादेश प्राप्त किया और मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का एक वर्ष समाप्त हुआ है. ये 6 साल भारत को हर तरीके से आगे बढ़ाने के 6 साल रहे हैं. ये 6 साल भारत की समस्याओं का समाधान करने के रहे हैं.
इसके साथ ही बीजेपी की वर्चुअल रैली के प्रयोग को भी शाह ने सफल बताया. उन्होंने कहा कि जब जन सम्पर्क और जन संवाद का इतिहास लिखा जाएगा तो नड्डा जी के नेतृत्व में भाजपा द्वारा किया गया वर्चुअल रैली का ये प्रयोग एक विशेष अध्याय के रूप में लिखा जाएगा.
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