अलीगढ़ हत्याकांड: हटाए गए पंकज श्रीवास्तव, खैर के सीओ बने संजीव दीक्षित

खैर के सीओ पंकज श्रीवास्तव का तबादला कर दिया गया है. अब उन्हें सीओ अतरौली बनाया गया है. जबकि सीओ सिटी-2 संजीव दीक्षित को अब सीओ खैर बनाया गया है.

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प्रतीकात्मक तस्वीर (फाइल फोटो) प्रतीकात्मक तस्वीर (फाइल फोटो)

aajtak.in / नीलांशु शुक्ला

  • नई दिल्ली,
  • 10 जून 2019,
  • अपडेटेड 2:06 PM IST

अलीगढ़ हत्याकांड के बाद जिला प्रशासन ने एक और कार्रवाई की है. खैर के सीओ पंकज श्रीवास्तव का तबादला कर दिया गया है. अब उन्हें सीओ अतरौली बनाया गया है. जबकि सीओ सिटी-2 संजीव दीक्षित को अब सीओ खैर बनाया गया है. इसके अलावा सीओ अतरौली प्रशांत सिंह को अब सीओ सिटी-2 बनाया गया है.

घटना अलीगढ़ के टप्पल की है जहां एक मासूम बच्ची का अपहरण कर उसकी हत्या कर दी गई थी. इस मामले में थाना प्रभारी सहित पांच पुलिसकर्मियों के खिलाफ प्रशासन पहले ही कार्रवाई कर चुका है. वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) आकाश कुलहरि के मुताबिक ढाई साल की बच्ची के अपहरण के बाद उसकी बरामदगी के लिए सही प्रयास नहीं किए गए. अभियुक्तों का पता लगाने और उनकी गिरफ्तारी के प्रयास नहीं किए गए.

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कुलहरि ने बताया कि इन सब लापरवाही को लेकर थाना प्रभारी कुशलपाल सिंह, दरोगा सत्यवीर सिंह, अरविंद कुमार, शमीम अहमद और कांस्टेबल राहुल यादव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया. एडीजी (कानून-व्यवस्था) आनंद कुमार ने बताया, "एसपी ग्रामीण की अगुआई में एसआईटी बनाई गई है. एक एक्सपर्ट, फॉरेंसिक टीम और स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) की टीम भी जांच टीम का हिस्सा होगी, जो फास्ट ट्रैक कोर्ट की तर्ज पर मामले की जांच करेगी. एसपी देहात मणिलाल पाटीदार के नेतृत्व में खैर के सीओ पंकज श्रीवास्तव की देखरेख में चार जांच करेंगे. तीन सप्ताह में एसआईटी अपनी रिपोर्ट देगी." गौरतलब है कि टप्पल में 30 मई को एक ढाई साल की बच्ची गायब हुई थी. दो जून को उसका क्षत-विक्षत शव घर से 100 मीटर दूर मिला. बच्ची के पिता ने पहले ही दिन हत्या का शक मुहल्ले के जाहिद पर जताया था.

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अलीगढ़ के टप्पल में मासूम बच्ची के साथ जिस हद तक दरिंदगी की गई, उसने पूरे देश को हिलाकर रख दिया. पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में हैवानियत की पूरी कहानी सामने आई है. यह बच्ची 30 मई को लापता हुई थी. अगले दिन माता-पिता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. 2 जून को घर से कुछ ही दूरी पर बच्ची कूड़े के ढेर से मिली, जिसे कुत्ते नोंच रहे थे. पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के मुताबिक बच्ची की दोनों आंख डैमेज थीं. रीढ़ की सारी हड्डियां टूटी थीं. छाती पर जख्म थे. सिर की हड्डियां टूटी हुई थीं. सीधा हाथ कटा हुआ था. उसे जिस्म पर तेजाब भी डाला गया था. शरीर पर कुत्तों के नोंचे और काटे जाने के निशान थे.

जब पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू की तो दिल कंपा देने वाले खुलासे हुए. जाहिद ने बच्ची के पिता से पैसे उधार लिए थे. जब उसने पैसे लौटाए तो उसमें 5 हजार रुपए कम थे. इस बात पर दोनों का झगड़ा हो गया. जाहिद को यह बात इतनी चुभ गई कि उसने बच्ची के पिता को सबक सिखाने का फैसला किया. 30 मई को उसने बच्ची को अगवा कर दिया. इसके बाद गला दबाकर हत्या कर दी और लाश को घर के अंदर भूसे के नीचे छिपा दिया.

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