मोदी ने मंदिर के लिए की ट्रस्ट की घोषणा तो बोले ओवैसी- बाबरी मस्जिद नहीं भूलेंगे

बकौल ओवैसी भारत का मुसलमान यकीनी तौर पर गरीब है लेकिन इतना भी गरीब नहीं कि अपने पैसों से अपनी मस्जिद ना बना पाए. उन्होंने कहा कि हम अपनी बाबरी मस्जिद को कभी नहीं भूलेंगे.

Advertisement
बजट सत्र के दौरान संसद भवन में AIMIM सांसद असदुद्दीन ओवैसी (फोटो-पीटीआई) बजट सत्र के दौरान संसद भवन में AIMIM सांसद असदुद्दीन ओवैसी (फोटो-पीटीआई)

अशोक सिंघल

  • नई दिल्ली,
  • 05 फरवरी 2020,
  • अपडेटेड 8:47 PM IST

  • ट्रस्ट की घोषणा पर ओवैसी की प्रतिक्रिया
  • 'मस्जिद में मूर्तियां रखना क्रिमिनल एक्ट'
केंद्र सरकार की ओर से राम मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट की घोषणा के बाद एआईएमआईएम सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने दिल्ली चुनाव के लिए आखिरी पत्ता चला है, लेकिन दिल्ली की जनता को इन घोषणाओं से फर्क नहीं पड़ने वाला है.

ओवैसी ने कहा कि जिन्होंने मस्जिद को शहीद किया था, जिनके ऊपर क्रिमिनल केस चल रहा है उनको प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पद्म श्री अवार्ड से नवाजा है. ओवैसी ने कहा कि हम अपनी मस्जिद को याद रखेंगे, हम बाबरी मस्जिद को नहीं भूलेंगे.

Advertisement

पढ़ें: राम मंदिर ट्रस्ट का कैसा होगा स्वरूप, महंत नृत्य गोपाल दास का नाम प्रमुख के लिए सबसे आगे

बाबरी मस्जिद में मूर्तियां रखना क्रिमिनल एक्ट

आजतक से बातचीत में ओवैसी ने कहा कि मैंने शुरू में ही कहा था कि सुप्रीम कोर्ट का जजमेंट बड़ा ही विचित्र जजमेंट है. सुप्रीम कोर्ट ने जजमेंट में यह भी कहा था कि उस मस्जिद के अंदर मूर्तियां रखना क्रिमिनल एक्ट है. सुप्रीम कोर्ट के जजमेंट से स्पष्ट है कि यह एक टाइटल सूट था. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ट्रस्ट बनाइए यह हमें समझ में नहीं आता है.

पढ़ें: सामने आया राम मंदिर ट्रस्ट के पहले सदस्य का नाम, विमलेंद्र मोहन होंगे ट्रस्टी

ओवैसी ने कहा कि जिन लोगों पर मस्जिद गिराने का आरोप है, इनमें बीजेपी के कई नेता हैं. इन्हें ही यह काम दे दिया गया है. ओवैसी ने कहा कि बीजेपी आखिर कोर्ट के जजमेंट का क्रेडिट क्यों लेना चाह रही है.

Advertisement

मस्जिद के लिए सरकारी जमीन नहीं लेनी चाहिए

एआईएमआईएम सांसद ने कहा कि ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का फैसला है कि हमें मस्जिद के लिए जमीन नहीं चाहिए. ये सही फैसला है. मुसलमान मस्जिद कहीं भी बना सकता है. 5 एकड़ की क्या जरूरत है. उन्होंने कहा कि सुन्नी वक्फ बोर्ड अगर जमीन लेना चाहता है तो वह गलत कर रहा है उन्हें जमीन नहीं लेनी चाहिए. बकौल ओवैसी भारत का मुसलमान यकीनी तौर पर गरीब है लेकिन इतना भी गरीब नहीं कि अपने पैसों से अपनी मस्जिद ना बना पाए.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement