अन्नाद्रमुक उप महासचिव टीटीवी दिनाकरन तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ईके पलानीस्वामी और उनके पूर्ववर्ती ओ. पनीरसेलवम के प्रतिद्वंद्वी धड़ों के विलय का मार्ग प्रशस्त करने के लिए रास्ते से हट गए हैं.
जेल में बंद अन्नाद्रमुक महासचिव वीके शशिकला के भतीजे दिनाकरन पलानीस्वामी के नेतृत्व वाले पार्टी के एक प्रभावशाली धड़े और कुछ मंत्रियों द्वारा बगावत का सामना कर रहे हैं. उन्होंने बीती रात पनीरसेलवम धड़े से दोस्ती का हाथ बढ़ाया था.
इससे पहले दिन में दिनाकरन ने अपना समर्थन कर रहे विधायकों की एक बैठक बुलाई थी, लेकिन बाद में इसे रद्द कर दिया. संभवत: ज्यादा लोग उनके खिलाफ हो गए थे. वहीं, वरिष्ठ मंत्रियों ने विधायकों और पार्टी जिला सचिवों की एक बैठक बुलाने के औचित्य पर सवाल खड़े किए.
पार्टी हित में उठाया कदम!
किसी टकराव को टालने के लिए दिनाकरन ने कहा कि उन्होंने पार्टी के हित में बीती रात खुद को रास्ते से हटा दिया. दरअसल, दिनाकरन कई मोर्चों पर संकट का सामना कर रहे हैं. अपने धड़े के लिए दो पत्ती चुनाव चिह्न हासिल
करने के लिए चुनाव आयोग के एक अधिकारी को रिश्वत देने की कथित कोशिश करने को लेकर दिल्ली पुलिस ने उनके खिलाफ मामला दर्ज किया है. दिनाकरन ने कहा है कि प्रतिद्वंद्वी धड़ों के आपस में विलय होने पर उन्हें कोई ऐतराज नहीं है.
उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि मंत्रियों ने किसी आशंका के चलते बगावत की होगी. शायद मेरे खिलाफ कोई असंतोष रहा होगा. हालांकि, दिनाकरन ने स्पष्ट कर दिया कि चूंकि शशिकला ने उन्हें इस पद पर नियुक्त किया था, इसलिए वह उनसे मिलने के बाद ही आगे के कदम पर कोई फैसला करेंगे. उन्होंने हैरानी जताई कि जब वह पहले ही रास्ते से हट गए हैं तो फिर उनके इस्तीफे का सवाल क्यों है.
पन्नीरसेलवम ने बताया धर्मयुद्ध की प्रथम जीत
इस बीच, दिवंगत मुख्यमंत्री जे जयललिता के विश्वस्त रह चुके पन्नीरसेल्वम ने के खिलाफ बगावत को अपने धर्मयुद्ध की प्रथम जीत बताया. पन्नीरसेल्वम ने कहा कि उन्होंने सांसदों और विधायकों सहित अपने समर्थकों की मदद
से धर्मयुद्ध छेड़ा था ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि अन्नाद्रमुक शशिकला के परिवार के हाथों का खिलौना न बन जाए.
मुख्यमंत्री बदलने का सवाल नहीं
एआईएडीएमके नेता एम थंबुदरई ने कहा कि राज्य में मुख्यमंत्री बदलने का सवाल ही नहीं है. उनसे पूछा गया था कि क्या दोनों धड़ों के विलय के बाद पन्नीरसेल्वम को फिर से मुख्यमंत्री बनाया जाएगा, तो उन्होंने कहा कि पलानीस्वामी के समर्थन
में 124 मुख्यमंत्रियों ने वोट किया था, इसलिए सीएम बदलने का कोई सवाल ही नहीं उठता.
दिनाकरन के घर पहुंची दिल्ली पुलिस
दिल्ली पुलिस की एक टीम अन्नाद्रमुक नेता टीटीवी दिनाकरन को नोटिस देने के लिए बुधवार को चेन्नई रवाना हुई और रात को उनके घर पहुंच गई. अपने धड़े के लिए आवंटित किये जाने की कोशिश के तहत चुनाव
अधिकारी को रिश्वत देने के मामले में उन्हें नोटिस दिया जाएगा. मंगलवार को दिल्ली पुलिस ने नेता के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया था. यह एहतियाती कार्रवाई ऐसे समय में की गई है जब ऐसी सूचनाएं मिली थीं कि दिनाकरन एक
एनआरआई हैं और विदेश भागने की कोशिश कर सकते हैं.
दिनेश अग्रहरि