कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह ने राज्यों के मुख्यमंत्री को मानसून को लेकर लिखा पत्र

केंद्र सरकार मानसून की विफलता से पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव के असर को कम करने की तैयारियों में लग गया है. कृषि मंत्री राधामोहन सिंह ने राज्यों के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखा है. जिसमें मौसम से संबंधित तैयारियों की समीक्षा के लिए कहा गया है.

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राधा मोहन सिंह राधा मोहन सिंह

अशोक सिंघल

  • नई दिल्ली,
  • 09 मई 2017,
  • अपडेटेड 12:18 AM IST

केंद्र सरकार मानसून की विफलता से पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव के असर को कम करने की तैयारियों में लग गया है. कृषि मंत्री राधामोहन सिंह ने राज्यों के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखा है. जिसमें मौसम से संबंधित तैयारियों की समीक्षा के लिए कहा गया है.

राधा मोहन सिंह का कहना है कि अगर मानसून अनुमान के अनुसार नहीं होता है और उसका प्रतिकूल प्रभाव किसानों पर हो तो उसके असर को कम किए जाने के उपाय अभी से किए जाने चाहिए. ताकि किसानों पर उसका प्रतिकूल प्रभाव ना पढ़ सके. हालांकि मौसम विभाग द्वारा वर्षा की मात्रा और फैलाव के बारे में अधिक जानकारी जून में दी जाएगी. उसी से पता चलेगा कि मानसून कैसा रहने वाला है. लेकिन केंद्र सरकार अभी से पूरी तैयारियां कर लेना चाहती है. ताकि कोई भी कमी मानसून को लेकर तैयारियों को लेकर ना रहे.

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का कहना है कि सरकार किसान इतने समस्त जो भी उनके हित के लिए करना जरूरी है हर संभव कदम उठाएगी. कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह ने पत्र के माध्यम से सभी मुख्यमंत्री को बताया कि प्रधानमंत्री ने 2015- 16 के सूखाग्रस्त राज्यों के मुख्यमंत्रियों से अलग-अलग बैठक कर सूखे से निपटने के उपायों पर चर्चा की थी। उसी प्रकार राज्यों ने आने वाले मानसून को लेकर तैयारियां की होगी.

राधा मोहन सिंह का कहना है कि राज्यों को जिला कृषि आकस्मिकता योजना की तैयारियों की समीक्षा की जानी चाहिए. प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अधीन जिला सिंचाई योजनाओं की प्रगति को देखना चाहिए. महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के अधीन जनसंख्या एवं संरक्षण जल्दी से रिचार्ज एवं संवर्धन के उपाय की प्रगति समीक्षा पर ध्यान देना चाहिए. राज्य में सूखा प्रबंधन केंद्र की स्थापना उसको की निगरानी व्यवस्था की तैयारियों का जायजा लेना चाहिए. सिंचाई नहरों की सफाई एवं मरम्मत, नलकूपों की मरम्मत, ट्रांसफर की व्यवस्था एवं पेयजल योजनाओं की मरम्मत के कार्यों का जायजा लेना चाहिए.

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का मानना है कि यह सब तैयारियां अगर समय से पूरी कर ली. तो के प्रतिकूल प्रभाव से किसानों के होने वाले नुकसान को बचाया जा सकता है.

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