देश की प्रमुख 10 ट्रेड यूनियनों के 15 करोड़ वर्कर्स आज हड़ताल पर हैं. देश भर में इसका व्यापक असर देखने को मिल रहा है. कोलकाता में वामपंथी श्रमिक संगठनों ने जहां विरोध मार्च निकाला वहीं कर्नाटक और केरल समेत तमाम राज्यों में श्रमिक संगठन प्रदर्शन कर रहे हैं. इस देशव्यापी हड़ताल से बैंकिंग, पब्लिक ट्रांसपोर्ट और टेलीकॉम जैसी जरूरी सेवाओं पर असर पड़ा है. कर्नाटक के कलबुर्गी में विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारी टायर जला रहे थे. इस दौरान 1 व्यक्ति बुरी तरह जल गया.
हड़ताल की वजह से बैंक, सरकारी ऑफिस और फैक्टरियां बंद रहेंगे. कुछ राज्यों में स्थानीय संगठनों ने भी हड़ताल में शामिल होने का फैसला किया है. इस वजह से सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पर भी असर पड़ सकता है.
सिलीगुड़ी मेयर गिरफ्तार
हड़ताल के दौरान पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी के मेयर अशोक भट्टाचार्य को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. भट्टाचार्या के साथ 15 अन्य
प्रदर्शनकारियों को भी गिरफ्तार किया गया है.
हड़ताल की क्या है वजह?
इन संगठनों की आपत्ति बीमा और रक्षा जैसे क्षेत्रों में विदेशी निवेश के नियमों के शिथिल करने को लेकर है. घाटे में चल रहे सार्वजनिक उपक्रमों को बंद करने की योजना का भी श्रमिक संगठन विरोध कर रहे हैं. ट्रेड यूनियन सरकारी पेंशन फंड और स्टॉक मार्केट में अधिक पैसा लगाने के सरकार के दिशानिर्देशों का भी विरोध कर रही हैं.
सेंट्रल ट्रेड यूनियन का कहना है कि यह हड़ताल सरकार की ओर से उनकी 12 मांगों के प्रति उदासीनता की वजह से की जा रही है. इसमें मासिक न्यूनतम वेतन 18000 रुपए और न्यूनतम मासिक पेंशन के 3000 रुपए करने की मांग शामिल है.
प्रियंका झा