105 किलो का कांवड़, 210KM पैदल यात्रा, 35 लोगों के जत्थे की अनोखी शिव पूजा

इस अनोखे कांवड़ यात्रा को लेकर श्रद्धालु जोर सिंह ने बताया कि कावड़ के अंदर 1108 डमोले हैं और इसका कुल वजन 105 किलो है. 35 लोगों का जत्था तीन दिन में 210 किलोमीटर का सफर तय कर धौलपुर पहुंचा है.

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फौजी की कांवड़ यात्रा फौजी की कांवड़ यात्रा

उमेश मिश्रा

  • धौलपुर,
  • 28 फरवरी 2022,
  • अपडेटेड 6:31 PM IST
  • 105 किलो का कांवड़ लेकर शिव मंदिर पहुंचा एक फौजी
  • 35 लोगों के जत्थे ने की 210 किमी की पैदल यात्रा

राजस्थान के धौलपुर में देशभक्ति, शहादत को सम्मान और भक्ति का नायाब नमूना नजर आया है. धौलपुर के धीमरी गांव में 35 लोगों का जत्था एक फौजी के नेतृत्व में एक हजार 108 डमोले (जल से भरा हुआ बर्तन) और 105 किलो वजन वाले कांवड़ में राष्ट्रीय ध्वज लगाकर धौलपुर पहुंचा.

ये सभी श्रद्धालु महाशिवरात्रि के मौके पर भगवान भोलेनाथ का डमोले में लाए गए गंगा जल से जलाभिषेक करेंगे. टीम का नेतृत्व कर रहे कुलदीप फौजी ने बताया कि कांबड़ का उद्देश्य देश के अमर शहीदों को महाशिवरात्रि के पर्व पर श्रद्धांजलि देना है. धीमरी गांव के 35 लोगों के जत्थे ने यूपी के सौरो घाट से कांबड़ उठाई थी.

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कांवड़ के अंदर एक हजार 108 डमोले है. कांबड़ का वजन 105 किलो है. 35 लोगों का जत्था तीन दिन में 210 किलोमीटर का सफर तय कर धौलपुर पहुंचा है और एक मार्च को महाशिवरात्रि के मौके पर सैंपऊ के ऐतिहासिक शिव मंदिर पर भगवान भोलेनाथ के शिवलिंग पर कावड़ के जल से जलाभिषेक करेंगे.

श्रद्धालुओं ने बताया कि देश के अमर शहीदों को श्रद्धांजलि कांबड़ के माध्यम से दी जा रही है. इसके साथ ही समाज के लोगों में देशभक्ति का जज्बा भी जगाया जा रहा है.     

गौरतलब है कि कांवड़ पर राष्ट्रीय ध्वज लगाकर श्रद्धालु पहुंचे हैं. आपको बता दें इस दौरान मुस्लिम समाज का भी एक युवक हुसैन अल्वी कावड़ लेकर शिव मंदिर पहुंचा. हुसैन अल्वी ने सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल पेश की है.

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