राजस्थान के उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने गहलोत सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने 'आजतक' से बातचीत में कहा कि हमारी सरकार को पहलू खान केस में एसआईटी (SIT) का गठन पहले ही कर देना चाहिए था.
सचिन पायलट ने यह भी कहा कि अगर गहलोत सरकार एसआईटी का गठन पहले कर देती तो पहलू खान मामले के सभी पहलुओं की जांच की जाती और हो सकता था कि लोअर कोर्ट से आरोपी बरी नहीं होते.
पायलट का यह बयान इसलिए मायने रखता है, क्योंकि राजस्थान के मुख्यमंत्री प्रदेश के गृहमंत्री भी हैं और पहलू खान केस में एसआईटी जांच का आदेश स्वयं अशोक गहलोत ने दिया था. राजस्थान के उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट का यह बयान सीधे-सीधे अशोक गहलोत के आदेश पर सवालिया निशान लगाने जैसा है.
माना जा रहा है कि पिछले कुछ समय में पायलट और गहलोत आमने-सामने की लड़ाई के लिए तैयार हो रहे हैं. इन दोनों के बीच 36 का आंकड़ा तब सामने आया जब मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्य बजट पेश करने के बाद कहा था कि लोग चाहते थे कि वे मुख्यमंत्री बने और यही नहीं नाम लेकर यह भी बताते थे कि कौन मुख्यमंत्री ना बने.
बता दें कि राजस्थान की राजनीति में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट के बीच चल रही खींचतान मंगलवार को राजीव गांधी जयंती के मौके पर सामने आई. दरअसल, राजीव गांधी के जयंती पर बोलते हुए सीएम गहलोत ने कहा कि जब राजस्थान में अकाल आया था, तो राजीव गांधी ने हमारी बात मानते हुए तत्काल मदद दी थी.
इसके बाद जब डिप्टी सीएम सचिन पायलट की बारी आई तो उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जी जिस तरह से राजीव गांधी ने आपकी बात मानी थी, उसी तरह से आप भी विधायकों की बात मानिए.
देव अंकुर