राजस्थान सरकार का आदेश, पैदल चलते दिखे मजदूर तो एसडीएम और एसएचओ होंगे जिम्मेदार

राजस्थान में अगर प्रवासी मजदूर सड़क पर पैदल दिखे तो इलाके के एसडीएम और एसएचओ जिम्मेदार ठहराए जाएंगे. सीएम अशोक गहलोत ने मजदूरों को शेल्टर होम पहुंचाने के आदेश दिए हैं.

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बड़ी संख्या में पलायन को मजबूर हैं प्रवासी मजदूर (तस्वीर-PTI) बड़ी संख्या में पलायन को मजबूर हैं प्रवासी मजदूर (तस्वीर-PTI)

शरत कुमार

  • जयपुर,
  • 15 मई 2020,
  • अपडेटेड 11:44 PM IST

  • शेल्टर होम पहुंचाए जाएंगे मजदूर
  • SDM-SHO को मिली जिम्मेदारी

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आदेश दिया है कि राज्य की सड़कों पर कोई भी प्रवासी मजदूर पैदल नहीं चलना चाहिए. अगर पैदल चलते हुए दिखता है तो इलाके के एसडीएम और एसएचओ जिम्मेदार ठहराए जाएंगे. सीएम गहलोत की नजर प्रवासी मजदूरों पर बनी रहेगी.

सीएम अशोक गहलतो ने प्रवासी मजदूरों को बसों में बैठाकर शेल्टर होम तक पहुंचाने के निर्देश दिए हैं. लॉकडाउन में फंसे प्रवासी मजदूर पर्याप्त साधन न होने की वजह से सड़कों पर भटक रहे हैं. ऐसे में जब तक उनकी व्यवस्था नहीं करा दी जाती, उन्हें शेल्टर होम में ही रहना होगा.

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प्रवासी मजदूरों को लॉकडाउन की वजह से दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. उद्योग-धंधे बंद होने की वजह से उन्हें आजीविका और खाद्यान्न संकट का सामना करना पड़ रहा है. ऐसे में मजदूर अपने-अपने राज्यों की ओर लौटने के लिए बड़ी संख्या में पलायन कर रहे हैं.

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पैदल लौटने को मजबूर हैं मजदूर

ट्रेन और बसों के पर्याप्त संचालन न होने की वजह से फंसे मजदूर पैदल ही अपने राज्यों की यात्रा पर निकल पड़े हैं. मजदूरों में ज्यादातर उत्तर प्रदेश और बिहार के लोग शामिल हैं. ऐसे में सीएम अशोक गहलोत ने आदेश दिए हैं कि मजदूर सड़कों पर न दिखें, उन्हें शेल्टर होम में रखा जाए. शेल्टर होम में भोजन और आराम की पूरी व्यवस्था सोशल डिस्टेंसिंग के साथ की गई है.

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अलवर और भीलवाड़ा में मजदूरों ने किया था हंगामा

बीते दिनों लॉकडाउन में फंसे मजदूरों का गुस्सा सड़क पर देखने को मिला था. मजदूर एक तरफ फैक्ट्री मालिकों के वेतन न देने पर नाराज थे, दूसरी तरफ प्रशासन पर. संकट के वक्त अपने घरों की ओर लौटने की मांग कर रहे मजदूरों को काबू में लेने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज तक करना पड़ गया था.

दरअसल राजस्थान के अलवर जिले के भिवाड़ी में वेतन न मिलने से नाराज मजदूरों ने गुरुवार को फैक्ट्री गेट पर विरोध प्रदर्शन किया था. पुलिस ने लाठीचार्ज कर मजदूरों को हटाया था. तहसीलदार के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ. मजदूर फैक्ट्री मालिक के सैलरी न देने पर नाराज थे, बाद में फैक्ट्री मालिक को वेतन देने का निर्देश दिया.

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भीलवाड़ा में भी मजदूरों ने वेतन के लिए प्रदर्शन किया था. भीलवाड़ा-चित्‍तौडगढ़ राजमार्ग पर स्थित एक फैक्ट्री के मजदूरों ने मार्च और अप्रैल की सैलरी को लेकर हंगामा किया था. लॉकडाउन में फंसे मजदूरों के सामने अब खाद्यान्न संकट है.

राजस्थान में 4,747 लोग कोरोना संक्रमित

लॉकडाउन के बीच राजस्थान में कोरोना वायरस के 213 नए मामले सामने आए हैं. ये एक दिन में सबसे ज्यादा केस हैं. राज्य में कोरोना के कुल 4747 मामले हो गए हैं. राजस्थान में कोरोना से अब तक 125 लोगों की मौत हो चुकी है. लॉकडाउन के बावजूद कोरोना वायरस संक्रमण के मामले राजस्थान में लगातार बढ़ रहे हैं.

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