राजस्थान में विधानसभा चुनाव में अभी तीन साल बचे हैं मगर BJP ने घर संभालने की कवायद शुरू कर दी है. शुक्रवार (22 जनवरी, 2021) की रात राजस्थान के लिए BJP की कोर टीम की घोषणा की गई. सोमवार को इसकी पहली बैठक हो सकती है.
BJP महासचिव और राजस्थान के प्रभारी अरुण सिंह शनिवार की रात जयपुर आएंगे. जबकि सह प्रभारी भारती बेन शियाल कल जयपुर पहुंचेंगी. लंबे अरसे बाद गुटों में बंटे BJP के नेता एक साथ बैठेंगे. वसुंधरा राजे भी कोर कमेटी की मीटिंग के लिए धौलपुर से जयपुर आएंगी.
BJP ने सतीश पूनिया और वसुंधरा राजे जैसे नेताओंं को एक मंच पर लाने के लिए कोर टीम बनाई है. कोर टीम की मीटिंग में मामला नहीं बिगड़े इसके लिए पार्टी के महामंत्री भूपेन्द्र यादव और राज्यसभा सांसद ओम माथुर जैसे बड़े नेताओं को भी टीम में जगह दी गई है. कोर टीम की घोषणा के बाद वसुंधरा समर्थकों में भारी उत्साह है. उन्हें लग रहा है कि वसुंधरा राजे BJP की राजनीति की मुख्यधारा में वापस लौटेंगी.
BJP ने कोर टीम के जरिए जातिगत समीकरण साधने की कोशिश की है जिसमें अपने परंपरागत वोट बैंक, राजपूतों को सबसे ज़्यादा जगह दी गई है. टीम में 3 राजपूत, 2 जाट, एक वैश्य ,एक ब्राह्मण,एक गुर्ज़र, एक यादव, एक माली ,एक दलित और एक आदिवासी समुदाय से हैं. कोर टीम में मीणा जाति को जगह नहीं मिलने की भी चर्चा हो रही है.
गौरतलब है कि हाल ही में सोशल मीडिया पर 'वसुंधरा राजे समर्थक राजस्थान (मंच)' सामने आने के बाद 'सतीश पूनिया समर्थक मोर्चा' भी सामने आया था जिसके बाद सियासी चर्चाएं तेज हो गई थीं. बीजेपी में गुटबाजी की खबरों के बाद कांग्रेस को भी पार्टी पर निशाना साधने का मौक मिल गया था. कांग्रेस ने दावा किया था कि राजस्थान बीजेपी बिखर रही है.
शरत कुमार