राजस्थान में सियासत सरगर्म है. राज्यसभा चुनाव के दौरान रेगिस्तान का सियासी तापमान बढ़ा देने वाला हॉर्स ट्रेडिंग का जिन्न एक बार फिर से बोतल के बाहर आ गया है. विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के दो नेताओं को स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) के गिरफ्तार कर लेने के बाद एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) भी सक्रिय हो गई है.
एसीबी ने विधायकों की खरीद-फरोख्त से जुड़े इस मामले में तीन निर्दलीय विधायकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है. जानकारी के मुताबिक दौसा जिले के महवा विधानसभा क्षेत्र से विधायक ओमप्रकाश हुड़ला, अजमेर जिले के किशनगढ़ से निर्दलीय विधायक सुरेश टांक और पाली जिले के मारवाड़ जंक्शन से विधायक खुशवीर सिंह के खिलाफ एसीबी ने प्राथमिकी दर्ज की है.
एसीबी इन विधायकों को नोटिस देकर पूछताछ के लिए बुला सकती है. गौरतलब है कि एक दिन पहले ही विधायकों की खरीद-फरोख्त कर प्रदेश की गहलोत सरकार को अस्थिर करने का प्रयास करने के आरोप में एसओजी ने अभी 10 जुलाई की रात को ही भाजपा के दो नेताओं को गिरफ्तार किया था. एसओजी के मुताबिक भाजपा नेता भरत मलानी की कॉल डिटेल से विधायकों को खरीदने की कोशिश किए जाने की जानकारी मिली थी.
एसओजी ने ब्यावर के नेता और राजस्थान भाजपा में विभिन्न पदों पर रह चुके मलानी और अशोक सिंह को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था. बाद में इन्हें गिरफ्तार कर लिया गया. बता दें कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत राज्यसभा चुनाव के समय से ही भाजपा पर अपनी सरकार को अस्थिर करने की कोशिश करने का आरोप लगाते रहे हैं. मुख्यमंत्री गहलोत ने भाजपा पर आरोप लगाया है कि जैसे मंडी में बकरा खरीदा जाता है, वैसे ही विधायकों को खरीदने का प्रयास किया जा रहा है.
शरत कुमार