विधानसभा चुनाव की तारीख जैसे जैसे नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे राजनीतिक बयानबाजी में भी तेजी देखी जा सकती है. बीजेपी के नोटबंदी के फैसले को एक विफल बताते हुए कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि रघुराम राजन एक प्रतिष्ठित व्यक्ति हैं और नोटबंदी पर उनकी सोच 99.9 फीसदी लोगों की सोच से मेल खाती है.
उन्होंने कहा कि केवल एक व्यक्ति है जो नोटबंदी पर अलग-अलग महसूस करता है और आप जानते हैं कि वह व्यक्ति कौन है. नोटबंदी का फैसला सरकार की एक गलती है जिसने सकल घरेलू उत्पाद (GDP) को कम से कम 1.5 फीसदी का नुकसान झेलना पड़ा है, जो कि लाखों-करोड़ों रुपये हैं.
रविवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय पर आयोजित प्रेस वार्ता में सिंघवी ने कहा कि राजस्थान में अगर कांग्रेस की सरकार बनती है तो अशोक गहलोत या सचिन पायलट में से ही कोई मुख्यमंत्री बनेगा.
सिंघवी ने बीजेपी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में बीजेपी सरकार के कार्यकाल में नक्सलवाद से जुड़ी घटनाओं में 15 फीसदी का इजाफा देखा गया. इसके बावजूद बीजेपी सरकार हमें नक्सलवाद का पाठ पढ़ने की कोशिश कर रही है.
अयोध्या में राम मंदिर मसले पर सिंघवी ने बीजेपी को घेरते हुए कहा कि राम मंदिर मामले में अध्यादेश लाने की बात अब क्यों हो रही है. सरकार ने इसके लिए अभी तक क्या किया और कौन से कदम उठाए? असलियत यह है कि सरकार अध्यादेश की बात कर मामले को आगे तक खींचना चाहती है.
सिंघवी ने प्रदेश की वसुंधरा सरकार पर हमलावर रुख अपनाते हुए कहा कि प्रदेश में एक महिला के मुख्यमंत्री होने के बाद भी महिलाओं के साथ होने वाली ज्यादती में कमी नहीं आई है. राज्य की बीजेपी सरकार अपराध रोकने के मामले में विफल साबित हुई है. यही कारण है कि जनता का सरकार पर से विश्वास उठ गया है.
अजीत तिवारी