राजस्थान में कोरोना का कहर बढ़ता जा रहा है, साथ ही लोगों में खौफ भी. जोधपुर के ओसिया से मानवता को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां पर एक बुजुर्ग की घर पर ही कोरोना से मौत हो गई थी. फिर स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना प्रशासन को दी. संक्रमित मरीज की मौत के बाद उसका शव करीब 21 घंटे तक घर ही पड़ा रहा. प्रशासन की तरफ से कोई मदद न मिलने पर कुछ स्थानीय लोगों ने मिलकर बुजुर्ग का अंतिम संस्कार किया.
बताया जा रहा है कि बुजुर्ग के घर पर उनकी पत्नी है और एक मानसिक रूप से बीमार बेटा. जिसकी वजह से अंतिम संस्कार में देरी हुई. प्रशासन को सूचना देने के बाद भी इस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई थी. फिर पड़ोस में रहने वाले लोग आगे आए और बुजुर्ग का अंतिम संस्कार हुआ. 58 साल के बुजुर्ग किशन सोनी की पिछले कुछ समय से तबीयत बेहद खराब थी और कोरोना जांच में वो संक्रमित पाए गए थे. उन्हें होम क्वारनटीन किया गया था इस बीच रविवार देर शाम उनकी मौत हो गई.
मृतक किशन सोनी के परिवार में उनका इकलौता पुत्र है, जिसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं है. घर पर उसे यह भी नहीं पता कि उसके पिता की मौत हो चुकी है. उनकी पत्नी भी आंशिक रूप से मानसिक रोग से पीड़ित बताई जा रही है. परिवार में कोई ऐसा नहीं था जो बुजुर्ग के शव का अंतिम संस्कार करा पाता. कोरोना से मौत चलते गांव में ऐसा कोई नहीं मिला जो उनके शव को हाथ लगाता. ऐसे में पड़ोस के लोगों ने स्थानीय प्रशासन को सूचना दी पर प्रशासन की तरफ से कोई इंतजाम नहीं किया गया.
स्थानीय लोगों का कहना है कि जोधपुर जिला कलेक्टर से संपर्क करने की कोशिश की गई. वहां से भी कोई जवाब नहीं मिला. इस दौरान संक्रमित शव की स्थिति बेहद खराब होती जा रही थी. फिर पड़ोस के लोगों ने ही पीपीई किट पहनकर शव को पैक किया और कोविड प्रोटोकॉल के तहत शव का अंतिम संस्कार किया.
राज्य सरकार ने कोरोना संक्रमित मरीजों के शव को ससम्मान अंतिम संस्कार के लिए फंड आवंटित किया है. इसके लिए 34 करोड़ 56 लाख रुपये जारी करने को मंजूरी दी गई है. राज्य के नगरीय निकायों को मुख्यमंत्री सहायता कोविड-19 राहत कोष से यह राशि दी है.