जेल में आतंकी अब्दुल रहमान की हत्या, रोहित गोदारा गैंग ने ली जिम्मेदारी, कहा- राम मंदिर पर हमला...

फरीदाबाद की नीमका जेल में बंद आतंकी आरोपित अब्दुल रहमान की हत्या के बाद सोशल मीडिया पर रोहित गोदारा गैंग से जुड़े महेंद्र डेलाना के नाम से एक कथित पोस्ट वायरल है, जिसमें आरोपी अरुण चौधरी का समर्थन और जिम्मेदारी लेने जैसा दावा किया गया है. पोस्ट में देश विरोधियों को चेतावनी भी दी गई है. उधर, पुलिस के मुताबिक जेल के अंदर नुकीली वस्तु से हमले में रहमान की मौत हुई और मामले की जांच जारी है.

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फरीदाबाद जेल में आतंकी अब्दुल रहमान की हत्या. (Photo: ITG) फरीदाबाद जेल में आतंकी अब्दुल रहमान की हत्या. (Photo: ITG)

अमन भारद्वाज

  • चंडीगढ़,
  • 09 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 8:35 PM IST

फरीदाबाद जेल में आतंकी अब्दुल रहमान की हत्या के मामले में अब सोशल मीडिया पर एक कथित गैंग पोस्ट सामने आया है. यह पोस्ट रोहित गोदारा गैंग से जुड़े सदस्य महेंद्र डेलाना के नाम से शेयर किया गया बताया जा रहा है, जिसमें हत्या के आरोपी अरुण चौधरी का समर्थन किया गया है और घटना की जिम्मेदारी लेने जैसा दावा किया गया है. 

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सोशल मीडिया पर वायरल संदेश में लिखा गया है कि अब्दुल रहमान कथित तौर पर आतंकी गतिविधियों और राम मंदिर पर हमले की साजिश से जुड़ा था. पोस्ट में यह भी कहा गया कि उसे जेल के अंदर मारने वाले अरुण चौधरी को गैंग की ओर से सलाम और धन्यवाद दिया जाता है. साथ ही देश विरोधी गतिविधियों में शामिल लोगों को चेतावनी जैसी भाषा भी इस्तेमाल की गई है.

पोस्ट में क्या लिखा है?
पोस्ट में लिखा है, जो देश के खिलाफ जाएगा, उसका यही अंजाम होगा. जय श्रीराम, राम-राम सभी भाइयों को. मैं महेंद्र डेलाना (रोहित गोदारा ग्रुप) भाइयों, यह बताना चाहता हूं कि फरीदाबाद जेल में अब्दुल रहमान को मारा गया. वह एक आतंकवादी था और राम मंदिर पर हमले की साजिश में शामिल था. जब उसे फरीदाबाद में पकड़ा गया था, तब उसके पास 2 ग्रेनेड मिले थे और वह देश के खिलाफ कई आतंकी गतिविधियों में शामिल रहा है. भाई अरुण चौधरी ने उसे उसके अंजाम तक पहुंचाया है. हम उन्हें तहे दिल से धन्यवाद करते हैं. जो भी हमारे देश के खिलाफ जाएगा, उसका यही अंजाम होगा.
भाई अरुण चौधरी को हमारा दिल से सलाम.

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क्या है पूरा मामला?
फरीदाबाद की नीमका जेल में बंद आतंकवाद के आरोप में गिरफ्तार अब्दुल रहमान की संदिग्ध परिस्थितियों में हत्या कर दी गई. प्रारंभिक जानकारी के अनुसार उस पर जेल के भीतर ही एक अन्य बंदी अरुण चौधरी ने सिर पर किसी नुकीले औजार से हमला किया. गंभीर चोट लगने से उसकी मौत हो गई. घटना के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भिजवाया है और पूरे मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है. जेल सूत्रों का कहना है कि वारदात देर रात हुई.

करीब 20 साल का अब्दुल रहमान 2 मार्च 2025 को पाली गांव के पास से पकड़ा गया था. गिरफ्तारी के समय उसके पास से दो जिंदा हैंड ग्रेनेड बरामद हुए थे, जिन्हें बाद में बम निरोधक दस्ते ने निष्क्रिय किया. जांच एजेंसियों का दावा था कि वह अयोध्या से जुड़े संवेदनशील स्थलों को निशाना बनाने की साजिश में शामिल था. वह उत्तर प्रदेश के मिल्कीपुर क्षेत्र का निवासी बताया गया था.

उसकी गिरफ्तारी हरियाणा STF ने गुजरात ATS और केंद्रीय खुफिया एजेंसी IB के साथ संयुक्त ऑपरेशन में की थी. जांच के दौरान उसके पास से कुछ वीडियो भी मिले थे, जिनमें राम मंदिर से जुड़ी जानकारियां बताई गई थीं. फिलहाल जेल हत्या कांड को लेकर पुलिस और खुफिया एजेंसियां हर एंगल से जांच कर रही हैं.

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