पंजाब: नाभा जेल में कैदी की हत्या के बाद एक्शन, असिस्टेंट जेल सुप्रिटेंडेंट समेत 3 पर गाज

पंजाब में नाभा जेल में कैदी की हत्या के मामले में मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने प्रशासन को जांच के आदेश दे दिए हैं और तीन दिन में जांच की रिपोर्ट मांगी है. सीएम अमरिंदर ने कहा कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

कैदी की हत्या के बाद नाभा जेल में अफरा-तफरी (फोटो-aajtak.in)
मनजीत सहगल
  • चंडीगढ़,
  • 23 जून 2019,
  • अपडेटेड 8:26 AM IST

पंजाब के नाभा की हाई सिक्योरिटी जेल कैदियों के हंगामे को लेकर सुर्खियों में रहती है. ताजा मामला नाभा जेल में बंद कैदी की हत्या का है. दरअसल, पंजाब के बरगाड़ी में धार्मिक ग्रंथ की बेअदबी मामले के मुख्य आरोपी महेंद्रपाल सिंह उर्फ बिट्टू (उम्र 49 वर्ष) की नाभा जेल में दो कैदियों ने शनिवार को कथित तौर पर हत्या कर दी. जिसके बाद जेल में अफरा-तफरी मच गई.

धार्मिक ग्रंथ के अपमान के आरोप में बंद कैदी की हत्या के मामले में 3 जेलकर्मियों पर गाज गिरी है. जिसमें असिस्टेंट जेल सुपरिटेंडेंट और दो जेल वॉर्डनों को सस्पेंड किया गया है, वहीं जेल सुप्रिडेंट को भी सस्पेंड करने के आदेश दिए गए हैं.

हत्या के मामले में मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने प्रशासन को जांच के आदेश दे दिए हैं और तीन दिन में जांच की रिपोर्ट मांगी है. सीएम अमरिंदर ने कहा कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने लोगों से शांति व्यवस्था बनाए रखने की भी अपील की है.

बता दें कि फरीदकोट का रहने वाला महेंद्रपाल सिंह उर्फ बिट्टू पंजाब के बरगाड़ी में 2015 में हुए गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के मामले में मुख्य आरोपी था और नाभा जेल में बंद था. वह डेरा सच्चा सौदा समर्थक था और डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम द्वारा बनाई गई 45 सदस्य कमेटी का सदस्य था.

गौरतलब है कि जेल में झगड़े के दौरान महिंद्रपाल सिंह पर जेल में बंद दो अन्य कैदियों ने हमला किया गया. जिसके बाद जेल प्रशासन महेंद्रपाल को सरकारी हस्पताल लेकर गया, जहां उसकी मौत हो गई. बता दें कि जेल में होने वाली यह कोई पहली घटना नहीं है, इससे पहले भी जेल में बंद कैदी ऐसी वारदातों को अंजाम दे चुके हैं.

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