जम्मू-कश्मीर को अनुच्छेद 370 के तहत मिलने वाला स्पेशल स्टेटस अब वापस ले लिया गया है. साथ ही जम्मू-कश्मीर अब एक केंद्र शासित राज्य होगा. इस बीच पंजाब सरकार ने अनुच्छेद 370 को लेकर राज्य में किसी भी तरह से जश्न मनाने या विरोध प्रदर्शन करने पर पाबंदी लगा दी है. मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पुलिस को पाकिस्तान द्वारा कानून व्यवस्था बिगाड़ने वाली स्थितियों से निपटने के लिए भी तैयार रहने को कहा है. राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आज अहम बैठक हुई.
मुख्यमंत्री ने कहा, "पाकिस्तान इसे हल्के में नहीं लेगा और भारत में शांति भंग करने की कोशिश करेगा." कैप्टन अमरिंदर सिंह ने ट्वीट किया, "जिस तरह से अनुच्छेद 370 और 35A पर फैसला लिया गया है यह गलत मिसाल पेश करता है. यह संविधान की आत्मा पर चोट है. इसका मतलब तो यह हुआ कि केंद्र सरकार राष्ट्रपति शासन लगाकर किसी भी राज्य सरकार में बदलाव कर सकती है. बीजेपी ने फैसला लेने से पहले किसी से भी बातचीत नहीं की."
मुख्यमंत्री ने पुलिस से अलर्ट रहने को कहा है. साथ ही राज्य में पढ़ रहे 8000 कश्मीरी छात्रों की सुरक्षा बढ़ाने के भी आदेश जारी किए हैं. साथ ही पुलिस अधिकारियों को स्वयं छात्रों से मिलकर बातचीत करने को भी कहा है. वहीं पंजाब के जो जिले कश्मीर की सीमा से लगे हैं, वहां पर भी सुरक्षा बढ़ाने की बात कही गई है. सीमाई इलाके हाई अलर्ट पर हैं और सुरक्षा बढ़ा दी गई है.
aajtak.in