पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू ने कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखा था. अपने इस पत्र में नवजोत सिंह सिद्धू ने पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को दिए गए 18 सूत्रीय एजेंडे को प्रासंगिक बताते हुए प्रदेश सरकार को इसे पूरा करने के निर्देश देने की मांग की थी. साथ ही सिद्धू ने सोनिया गांधी से मिलने के लिए वक्त भी मांगा था.
सिद्धू की इस चिट्ठी के बाद आलाकमान एक्टिव मोड में आ गया. इस पत्र को सिद्धू ने जब ट्विटर पर सार्वजनिक किया, उसके कुछ ही घंटों बाद पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के साथ उनकी मीटिंग निर्धारित की गई. चन्नी के साथ सिद्धू की ये मीटिंग पंजाब गवर्नर हाउस के गेस्ट हाउस में हुई. शाम को शुरू हुई सीएम और प्रदेश अध्यक्ष की ये मीटिंग देर रात तक चली.
सोनिया को लिखी चिट्ठी के बाद चरणजीत सिंह चन्नी और नवजोत सिंह सिद्धू के बीच देर रात तक चली इस मीटिंग को मान-मनौव्वल के दौर की फिर से शुरुआत के तौर पर देखा जा रहा है. सिद्धू ने अपने पत्र में सोनिया गांधी से मिलने का वक्त भी मांगा था और कहा था कि वे 2022 के चुनाव से पहले चुनाव घोषणा पत्र के लिए 13 सूत्रीय एजेंडा रखना चाहते हैं.
गौरतलब है कि नवजोत सिंह सिद्धू ने मुख्यमंत्री पद से कैप्टन अमरिंदर सिंह के इस्तीफे और चरणजीत सिंह चन्नी को कमान सौंपे जाने के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था. इसके बाद चरणजीत सिंह चन्नी ने भी कैप्टन अमरिंदर सिंह से मुलाकात की थी. सिद्धू नई दिल्ली में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी से मिले थे. राहुल से मुलाकात के बाद सिद्धू ने कहा था कि चिंता का समाधान हो गया है.
चिंता का समाधान हो गया है बयान देने के चंद रोज बाद ही सिद्धू ने सोनिया को चिट्ठी लिखकर ट्वीट कर दिया. इससे सूबे का सियासी माहौल फिर से गर्म होने लगा था. देर रात तक चली नवजोत सिंह सिद्धू और चरणजीत सिंह चन्नी की बैठक में क्या बातें हुईं, इस संबंध में अभी कुछ निकलकर सामने नहीं आया है. इस मीटिंग के दौरान सिद्धू के विश्वस्त परगट सिंह और हरीश सिंह भी मौजूद रहे.
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