आय से अधिक संपत्ति मामले में मजीठिया की मुश्किलें बरकरार, SC में 2 फरवरी को अगली सुनवाई

शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया को सुप्रीम कोर्ट से फिलहाल कोई राहत नहीं मिली है. अंतरिम जमानत याचिका पर पंजाब सरकार को जवाब दाखिल करने के लिए दो हफ्ते का समय दिया गया है.

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मजीठिया को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं (Photo: PTI) मजीठिया को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं (Photo: PTI)

संजय शर्मा

  • नई दिल्ली,
  • 19 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 10:44 PM IST

शिरोमणि अकाली दल के नेता और आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति रखने के आरोपी बिक्रम सिंह मजीठिया को सुप्रीम कोर्ट से भी कोई राहत नहीं मिली है. मजीठिया की जमानत के मामले में पंजाब सरकार ने जवाब दाखिल करने के लिए कोर्ट से दो हफ्ते की मोहलत मांगी थी, जिसे कोर्ट ने मंजूरी दे दी है. 

अब सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने मजीठिया की अंतरिम जमानत याचिका पर दो सप्ताह बाद सुनवाई करने का फैसला किया है.

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मजीठिया ने जेल में अपनी जान को खतरा बताते हुए सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम जमानत पर रिहाई की गुहार लगाई है. अदालत ने जेल में खतरे को लेकर उठाए गए सवाल पर कहा कि उन्हें किसी दूसरी जेल में शिफ्ट करने पर भी सरकार विचार करे.

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने मजीठिया के वकील से सवाल किया कि वह कब से जेल में हैं? उनकी जान पर कितनी बार हमला हुआ है? क्या उन्हें किसी दूसरी जेल में शिफ्ट किया गया है?

मजीठिया के वकील, सीनियर एडवोकेट गौरव अग्रवाल ने दलील दी कि पंजाब सरकार के अधिकारियों ने खुद खतरे की आशंका जताई है. वहीं पंजाब सरकार के वकील सिद्धार्थ दवे ने कोर्ट को बताया कि मजीठिया की सुरक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाए गए हैं और इस संबंध में हाईकोर्ट के सामने पहले ही आश्वासन दिया जा चुका है.

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यह भी पढ़ें: बिक्रम मजीठिया के खिलाफ 40 हजार पन्नों की चार्जशीट दाखिल, 4 बक्सों में भरकर पुलिस ने कोर्ट पहुंचाया

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मजीठिया के पास से बरामद 540 करोड़ रुपये हैं, जिसका उन्होंने बता नहीं पाया है कि कहां से आई है. इस पर मजीठिया के वकील ने तुरंत आपत्ति जताते हुए कहा कि चार्जशीट में सिर्फ 40 करोड़ रुपये का ही जिक्र है.

कोर्ट ने कहा कि अगर मजीठिया को चंडीगढ़ जेल में शिफ्ट करने की मांग की जा रही है तो इसमें दिक्कत क्या है? इस पर मजीठिया के वकील ने साफ़ किया कि वे जेल ट्रांसफर नहीं, बल्कि अंतरिम जमानत पर रिहाई चाहते हैं. अब इस मामले पर कोर्ट 2 फरवरी को सुनवाई करेगा.

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