पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के प्रस्तावित यूनाइटेड किंगडम और इजरायल दौरे को लेकर सियासी विवाद खड़ा हो गया है. पंजाब आम आदमी पार्टी (AAP) ने दावा किया है कि विदेश मंत्रालय (MEA) ने इस विदेशी दौरे के लिए राजनीतिक मंजूरी देने से इनकार कर दिया है. पार्टी ने सवाल उठाया है कि जब दौरे का उद्देश्य पंजाब में निवेश आकर्षित करना था, तो फिर मंजूरी क्यों नहीं दी गई.
AAP के अनुसार, मुख्यमंत्री भगवंत मान फरवरी महीने में UK और इजरायल जाने वाले थे. इस दौरे में उनके साथ उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा और कई वरिष्ठ IAS अधिकारी भी शामिल होने वाले थे. इस प्रतिनिधिमंडल का मकसद दोनों देशों में निवेशकों से मुलाकात कर उन्हें पंजाब में निवेश के लिए आमंत्रित करना था. पार्टी का कहना है कि अगर विदेश से निवेश आता है तो इसका फायदा सिर्फ पंजाब ही नहीं, बल्कि पूरे देश को होता है.
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आजतक से बातचीत में AAP के प्रवक्ता बलतेज पन्नू ने कहा, "हां, विदेश मंत्रालय ने मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौरे को राजनीतिक मंजूरी नहीं दी है. हमें अब तक कोई वजह नहीं बताई गई है." उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार एक बड़ा इन्वेस्टर्स समिट आयोजित करने जा रही है और यह दौरा उसी तैयारी का हिस्सा था. ऐसे में बिना कारण बताए मंजूरी न देना समझ से परे है.
AAP का दावा- सीएम मान को पहले नहीं मिली मंजूरी
AAP ने यह भी कहा कि यह पहला मौका नहीं है जब मुख्यमंत्री भगवंत मान के दौरे को रोका गया हो. पार्टी के मुताबिक, साल 2024 में भी जब मुख्यमंत्री पेरिस जाकर भारतीय हॉकी टीम का हौसला बढ़ाना चाहते थे, तब भी राजनीतिक मंजूरी नहीं दी गई थी.
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कांग्रेस ने पूछा- जापान से कितने निवेश आए?
इस पूरे मामले पर विपक्ष की भी प्रतिक्रिया सामने आई है. पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा कि उन्हें इस फैसले की ज्यादा जानकारी नहीं है, लेकिन मुख्यमंत्री को यह जरूर बताना चाहिए कि हाल ही में जापान दौरे पर गए थे, तो वहां से अब तक कितने निवेशक पंजाब पहुंचे हैं.
असीम बस्सी