दिल्ली में आम आदमी पार्टी (AAP) के कामकाज का लेखा-जोखा पंजाब के अखबारों में शुक्रवार को फुल पेज छापा गया. पंजाब का कोई भी अखबार ऐसा नहीं था, जिसमें शुक्रवार को इस तरह के फुल पेज ऐड ना छपे हो. इन विज्ञापनों को लेकर कांग्रेस ने आम आदमी पार्टी पर फिजूलखर्ची का आरोप लगाया है. कांग्रेस का कहना है कि ये केजरीवाल सरकार का चुनावी स्टंट है.
दिल्ली का सरकारी पैसा बहाने पर कांग्रेस ने आम आदमी पार्टी को घेरते हुए कहा कि इस पैसे का इस्तेमाल दिल्ली में गरीबी रेखा के नीचे रहने वाले लोगों के विकास पर खर्च करना चाहिए.
AAP ने कहा-विज्ञापनों का पंजाब चुनाव से लेना-देना नहीं
अखबारों में छपी इन इश्तेहार-नुमा खबरों के बारे में जब आम आदमी पार्टी से पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि इन इश्तेहारों का पंजाब में आने वाले से कोई लेना-देना नहीं है और इस तरह के इश्तेहार आम आदमी पार्टी की तरफ से पंजाब में ही नहीं, बल्कि तमिलनाडु में भी दिए जाते है, ताकि लोगों को पता लग सके कि अगर दिल्ली में की सरकार इतने अच्छे से काम करती है, तो फिर उनके राज्य में भी दूसरी पार्टी की सरकार ऐसी ही अच्छे से काम कर सकती है. तय बजट और नियमों के मुताबिक ही दिल्ली सरकार इस तरह के इश्तेहारों पर पैसा खर्च कर रही है.
अकाली दल ने भी साधा निशाना
अकाली दल ने भी पंजाब के अखबारों में छपे इश्तेहारों पर और आम आदमी पार्टी को घेरते हुए कहा कि इस तरह से केजरीवाल दिल्ली सरकार के पैसे का इस्तेमाल करके पंजाब में सरकार बनाने के सपने पूरे करने के लिए हथकंडे के तौर पर इस्तेमाल कर रहे हैं.
बहरहाल, दिल्सी सरकार के अपने काम-काज का पंजाब के अखबारों में गुणगान करके आम आदमी पार्टी ने तो साफ कर दिया है कि उनका निशाना पंजाब की कुर्सी पर है, लेकिन सवाल ये है कि क्या पंजाब की जनता आम आदमी पार्टी के इन इश्तेहारों और दावों पर भरोसा करके उन्हें वैसा ही जनाधार देगी, जैसे कि चुनावों में दिल्ली की जनता ने दिया था.
अंजलि कर्मकार / सतेंदर चौहान