नेहरू-गांधी-स्टालिन सारे नेता एक ही कैबिनेट में, जानिए पूरा मामला

तमिलनाडु में 34 सदस्यों की जो नई कैबिनेट चुनी गई है उन मंत्रियों के नाम बेहद दिलचस्प हैं. एक तरह से स्टालिन की कैबिनेट में नेहरु, गांधी, स्टालिन सब काम करने वाले हैं.

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MK नेता स्टालिन ने ली CM पद की शपथ (फोटो- पीटीआई) MK नेता स्टालिन ने ली CM पद की शपथ (फोटो- पीटीआई)

aajtak.in

  • नई दिल्ली ,
  • 07 मई 2021,
  • अपडेटेड 1:34 PM IST
  • एमके स्टालिन पहली बार तमिलनाडु के CM बने
  • 34 सदस्यों की केबिनेट में नेहरु भी, गांधी भी
  • प्रदेश में DMK को मिला है पूर्ण बहुमत

तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में DMK को भारी बहुमत प्राप्त हुआ है. DMK को फिलहाल करुणानिधि के बेटे MK स्टालिन संभाल रहे हैं. शुक्रवार के दिन स्टालिन ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के रूप में राज्य की सत्ता संभाल ली है. लेकिन उन्होंने 34 सदस्यों की जो कैबिनेट चुनी है उन मंत्रियों के नाम बेहद दिलचस्प हैं. एक तरह से स्टालिन की कैबिनेट में नेहरु, गांधी, स्टालिन सब काम करने वाले हैं.

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शुक्रवार के दिन तमिलनाडु के गवर्नर बनवारी लाल पुरोहित ने स्टालिन के शपथ ग्रहण समारोह के साथ ही मंत्रियों की सूची पर मुहर लगा दी है. MK स्टालिन पहली दफा राज्य के मुख्यमंत्री बने हैं. उन्होंने KN नेहरु को नगर पालिका परिषद प्रशासन का पद सौंपा है. वहीं आर. गांधी को हथकरधा, खादी ग्रामोधोग आदि का मंत्री बनाया है.

आर. गांधी DMK की टिकट पर साल 1996 में पहली बार रानीपेट विधानसभा सीट से विधायक चुने गए थे. उन पर और उनके परिवार के लोगों पर भी अन्य DMK नेताओं की तरह आय से अधिक संपत्ति का आरोप लगा था. हालांकि सबूतों के अभाव में कोर्ट ने उन्हें इस मामले से मुक्त कर दिया था.

वहीं केएन नेहरु DMK के मुख्य सचिव हैं और पार्टी के वरिष्ठ नेता भी हैं. वे तिरुची पश्चिम विधानसभा से पांचवी बार विधानसभा चुनाव लड़े हैं. केएन नेहरु के नाम के पीछे नेहरु इसलिए है क्योंकि उनके पिता कट्टर कांग्रेसी थे और उन्हें जवाहरलाल नेहरु बेहद पसंद थे. लेकिन इसके बाद उनके परिवार ने साठ के दशक से DMK की राजनीति करना शुरू कर दिया. 1989 में पहला चुनाव लड़ने के बाद से ही केएन नेहरु पार्टी के एक मजबूत स्तंभ रहे हैं.

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वैसे ही पार्टी के सबसे प्रमुख नेता और वर्तमान मुख्यमंत्री स्टालिन का पूरा नाम मुथुवेल करुणानिधि स्टालिन है. उनके नाम के पीछे स्टालिन सोवियत संघ यूनियन के प्रसिध्द नेता जोसेफ स्टालिन के नाम पर पड़ा. उनके पिता और स्वर्गीय नेता एम. करुणानिधि ने उन्हें अपना राजनीतिक उत्तराधिकारी घोषित किया. इसके बाद उनके बड़े भाई अलागिरी से सत्ता संघर्ष रहा. करुणानिधि के निधन के बाद साल 2018 के अगस्त महीने में उन्हें इकतरफा DMK का अध्यक्ष चुन लिया गया.

 

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