पुलवामा पर सियासी जंग जारी, शशि थरूर बोले- किस बात की माफी मांगे कांग्रेस

कांग्रेस नेता शशि थरूर ने कहा है कि उन्हें ये समझ में नहीं आ रहा है कि कांग्रेस को किस बात के लिए माफी मांगनी चाहिए. क्या इस बात के लिए क्योंकि हमने सरकार से अपेक्षा की थी कि वो हमारे सैनिकों को सुरक्षित रखेगी.

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कांग्रेस नेता शशि थरूर (फाइल फोटो-पीटीआई) कांग्रेस नेता शशि थरूर (फाइल फोटो-पीटीआई)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 31 अक्टूबर 2020,
  • अपडेटेड 2:41 PM IST
  • पाक के इकबालिया बयान पर जंग जारी
  • किस बात के लिए माफी मांगे कांग्रेस-थरूर
  • 'पुलवामा पर उचित जानकारी दें पीएम मोदी'

पुलवामा हमले पर इमरान सरकार के मंत्री फवाद चौधरी के इकबालिया बयान ने भारत का राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया है. फवाद चौधरी के बयान के बाद बीजेपी कांग्रेस पर हमलावर है. बीजेपी की मांग है कि कांग्रेस को पुलवामा पर माफी मांगनी चाहिए. 

लेकिन कांग्रेस नेता शशि थरूर ने कहा है कि उन्हें ये समझ में नहीं आ रहा है कि कांग्रेस को किस बात के लिए माफी मांगनी चाहिए. क्या इस बात के लिए क्योंकि हमने सरकार से अपेक्षा की थी कि वो हमारे सैनिकों को सुरक्षित रखेगी. शशि थरूर ने कहा कि हमने शहीदों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई इसलिए हमें माफी मांगनी चाहिए. 

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शशि थरूर ने कहा कि वे अभी भी पुलवामा मामले में आधिकारिक जांच के नतीजों का इंतजार कर रहे हैं, ताकि उन्हें कुछ अहम सवालों के जवाब मिल सकें. कांग्रेस नेता ने कहा कि पाकिस्तान की दगाबाजी कोई खबर नहीं है, खबर तब होगी, जब मोदी सरकार इस बारे में उचित जवाब देंगे.

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बता दें कि आज सरदार पटेल की जयंती के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के केवड़िया में भी पुलवामा पर पाकिस्तान की स्वीकारोक्ति का जिक्र किया है. पाकिस्तान के मंत्री फवाद चौधरी ने पाकिस्तानी संसद में इस बात को स्वीकार किया है कि पुलवामा हमला पाकिस्तान की कामयाबी है. 

केवड़िया में पीएम ने इसका जिक्र करते हुए कहा कि देश में पुलवामा हमले के बाद भद्दी राजनीति की गई.  प्रधानमंत्री ने कहा कि जब हमारे देश के जवान शहीद हुए थे उस वक्त भी कुछ लोग राजनीति में लगे हुए थे. ऐसे लोगों को देश भूल नहीं सकता है. 

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पीएम ने कहा कि उस वक्त वे सारे आरोपों को झेलते रहे, भद्दी-भद्दी बातें सुनते रहे. उनके दिल पर गहरा घाव था. लेकिन पिछले दिनों पड़ोसी देश से जिस तरह से खबरें आई है, जो उन्होंने स्वीकार किया है, इससे इन दलों का चेहरा उजागर हो गया है. 

 

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