राहुल बोले- मोदी का जनविरोधी डिजास्टर प्लान था लॉकडाउन, छीन गई नौकरियां

राहुल गांधी ने कहा कि अचानक किया गया लॉकडाउन असंगठित वर्ग के लिए मृत्युदंड जैसा साबित हुआ. वादा था 21 दिन में कोरोना ख़त्म करने का, लेकिन ख़त्म किए करोड़ों रोज़गार और छोटे उद्योग.

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राहुल गांधी (फाइल फोटो-PTI) राहुल गांधी (फाइल फोटो-PTI)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 09 सितंबर 2020,
  • अपडेटेड 10:41 AM IST

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और वायनाड से सांसद राहुल गांधी ने एक बार मोदी सरकार पर निशाना साधा है. राहुल ने कहा कि अचानक किया गया लॉकडाउन असंगठित वर्ग के लिए मृत्युदंड जैसा साबित हुआ. वादा था 21 दिन में कोरोना ख़त्म करने का, लेकिन ख़त्म किए करोड़ों रोज़गार और छोटे उद्योग. ये मोदी जी का जनविरोधी 'डिज़ास्टर प्लान' है.

वीडियो शेयर करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि कोरोना के नाम पर जो किया, वह असंगठित क्षेत्र पर तीसरा आक्रमण है. गरीब लोग रोज कमाते हैं और रोज खाते हैं. जब आपने बिना नोटिस लॉकडाउन किया तो आपने इनके उपर आक्रमण किया. पीएम ने कहा था कि 21 दिन की लड़ाई होगी, लेकिन असंगठित क्षेत्र की रीढ़ की हड्डी 21 दिन में ही टूट गई.

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राहुल गांधी ने कहा कि लॉकडाउन के बाद कांग्रेस ने एक बार नहीं, सौ बार कहा कि गरीबों की मदद करनी ही पड़ेगी. न्याय योजना जैसी एक योजना लागू करनी पड़ेगी और लोगों के बैंक अकाउंट में पैसा डालना पड़ेगा, लेकिन मोदी सरकार ने नहीं किया. हमने एमएसएमई को बचाने की गुजारिश की, लेकिन सरकार ने कुछ नहीं किया.

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार ने देश के सबसे अमीर 15-20 लोगों का टैक्स माफ कर दिया. लॉकडाउन कोरोना पर  आक्रमण नहीं था, यह हमारे युवाओं पर आक्रमण था, हमारे भविष्य पर आक्रमण था, लाखों मजदूर-गरीब-व्यापारी पर आक्रमण था. हमें इस आक्रमण के खिलाफ खड़ा होना होगा.

 

 

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