कोरोना काल में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने वर्चुअल रैली की शुरुआत कर दी है. अनलॉक-1 में रविवार को भारतीय जनता पार्टी के पूर्व अध्यक्ष अमित शाह ने पहली वर्चुअल रैली 'बिहार जनसंवाद' को संबोधित किया.
शाह ने कहा कि बीजेपी की सरकार गरीबों की सरकार है. बिहार की धरती ने ही पहली बार दुनिया को लोकतंत्र का अनुभव कराया. जहां महान मगध साम्राज्य की नींव डाली गई. इस भूमि ने हमेशा भारत का नेतृत्व किया है. इस रैली का चुनाव से कोई संबंध नहीं है. भाजपा लोकतंत्र में विश्वास रखती है.
अमित शाह ने कहा कि आज जब मैं वर्चुअल रैली के माध्यम से संवाद कर रहा हूं तब कुछ लोगों ने अभी थाली बजाकर इस रैली का स्वागत किया. मुझे अच्छा लगा कि देर-सवेर पीएम मोदी की अपील को उन्होंने माना. ये राजनीतिक दल के गुणगान गाने की रैली नहीं है. ये रैली जनता को कोरोना के खिलाफ जंग में जोड़ने और उनके हौसले बुलंद करने के लिए है.
गृह मंत्री ने कहा कि 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि भारत का विकास जो अब तक चला, उसमें पश्चिमी भारत और पूर्वी भारत के विकास में बहुत बड़ा अंतर है. आजादी के समय जीडीपी के अंदर पूर्वी भारत का योगदान बहुत ज्यादा होता था, परंतु आजादी के बाद से जिस प्रकार से सरकारें चली उन्होंने पूर्वी भारत के विकास से मुंह मोड़ लिया था और परिणाम ये आया कि पूर्वी भारत पिछड़ता गया.
अमित शाह बोलेः ये चुनावी रैली नहीं, लालटेन का समय गया, नीतीश हमारे नेता
दो-तिहाई बहुमत से सरकार बनेगी
अमित शाह ने कहा कि बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व में दो-तिहाई बहुमत से सरकार बनेगी. अब लालटेन से LED का समय आ गया है, लेकिन ये चुनावी सभा नहीं है, हमारा उद्देश्य देश के लोगों को जोड़ना है और कोरोना के खिलाफ एकजुट होकर लड़ना है.
सोशल मीडिया पर रिकॉर्ड रिस्पांस मिला
पार्टी के मुताबिक, पहली वर्चुअल रैली को सोशल मीडिया पर रिकॉर्ड रिस्पांस मिला. फेसबुक पर जहां 'बिहार जनसंवाद' वर्चुअल रैली को 14 लाख से अधिक व्यूज मिले, वहीं यूट्यूब पर इसे 1.40 लाख से ज्यादा व्यूज मिले. ट्विटर पर इसे 66 हजार से अधिक लोगों ने देखा.
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