वसंत पंचमी के अवसर पर लाखों श्रद्धालुओं ने पवित्र संगम स्नान किया, पर अविमुक्तेश्वरानंद ने इस बार डुबकी लगाने से परहेज किया. इस विवाद के बीच यूपी सरकार के अंदर दो अलग-अलग नजरिए सामने आए हैं, जहां डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या ने उन्हें पूज्य शंकराचार्य कहा, जबकि माघ मेला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी कालनेमि से सावधान रहने की चेतावनी दी है. इन सभी परिस्थितियों में विपक्ष ने पहली बार बीजेपी को सनातन धर्म के मुद्दे पर घेरने की कोशिश शुरू की है.