भारत और यूरोपीय यूनियन (EU) के बीच हुई यह ऐतिहासिक डील केवल व्यापार तक सीमित नहीं रह गई है बल्कि रक्षा क्षेत्र में भी भारत को नई ताकत देने वाला है. इस समझौते के जरिए भारत को यूरोप की तकनीक, निवेश और सहयोग मिलेगा, जिससे देश का रक्षा उद्योग और मजबूत होगा. मेक इन इंडिया पहल के तहत भारत अब दुनिया की प्रमुख डिफेंस फैक्ट्री बनने की ओर बढ़ रहा है.